'बस राजनीति' पर राजभर का योगी सरकार पर निशाना, उजागर हुआ मजदूर विरोधी चरित्र

अवनीश कुमार| पुनः संशोधित बुधवार, 20 मई 2020 (17:40 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बसों को लेकर हो रही राजनीति में अब एक नया मोड़ आ गया है जहां कांग्रेस की रायबरेली सदर की विधायक ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं तो वहीं कुछ समय पूर्व तक उत्तरप्रदेश में बीजेपी सरकार के में रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधायक और पूर्व मंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधा है।
उन्होंने ट्‍वीट कर कहा कि बसों को लेकर यूपी की भाजपा सरकार 5 दिनों से जिस तरह नूरा-कुश्ती चल रही है। इससे यूपी सरकार का मज़दूर विरोधी चरित्र उजागर हो गया है।

सरकार को गरीब लोगों की कोई परवाह नहीं है। अगर परवाह होती तो पैदल चल रहे गरीब मजदूरों को बसों से उनके घर भेजने की अनुमति दे देते। 2017 में जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी तो बीजेपी के साथ चुनाव के समय से ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का अलायंस था।

प्रदेश में सरकार बनने के बाद भाजपा ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को मंत्री पद से भी नवाजा था,
लेकिन कुछ महीनों के बाद दोनों ही पार्टियों का एक-दूसरे से मोह भंग हो गया। इसके चलते समय-समय पर मंत्री पद पर होते हुए भी ओमप्रकाश राजभर बीजेपी पर निशाना साधते रहते थे।

इसके बीजेपी में भी उन्हें पार्टी से अलग करने का विरोध शुरू हो गया था, लेकिन आगे चलकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने खुद ही बीजेपी से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया और सरकार से अलग हो गए थे।


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