Budget 2026 : गैस सिलेंडर और राशन पर क्या मिला? आम आदमी की जेब पर कितना असर?
वित्त मंत्री ने आज संसद में बजट 2026 पेश किया। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस 'डिजिटल पारदर्शिता' और 'सटीक सब्सिडी' पर रहा है। बजट 2026 में सरकार ने सीधे तौर पर गैस और राशन की कीमतों में बड़ी कटौती तो नहीं की है, लेकिन सब्सिडी को सुव्यवस्थित करके यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि पैसा सही हाथों में जाए। मध्यम वर्ग को सबसे बड़ी राहत टैक्स स्लैब में बदलाव और महत्वपूर्ण दवाओं के सस्ते होने से मिली है। जानिए राशन और एलपीजी से संबंधित क्या राहत मिली।
क्या रसोई गैस में राहत मिली
घरेलू रसोई गैस के मोर्चे पर आम जनता के लिए मिली-जुली खबर आई है। राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बड़ी वृद्धि नहीं की गई है। सरकार ने इसे महंगाई के दबाव से मुक्त रखने की कोशिश की है। बजट के साथ लागू नए नियमों के अनुसार, अब गैस सब्सिडी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी जिनका आधार और बैंक खाता e-KYC के जरिए अपडेटेड है। हालांकि बजट से पहले हर माह की पहली तारीख को रिव्यू होने वाले दामों में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 49 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जो 1 फरवरी से लागू हो गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
रोजमर्रा की वस्तुएं और स्वास्थ्य
सरकार ने कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) खत्म कर दिया है, जिससे ये काफी सस्ती हो जाएंगी। ATF (हवाई ईंधन) के दामों में बदलाव और CNG की नई दरों का असर आपके सफर के खर्च पर पड़ेगा। तंबाकू उत्पाद : सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ने से ये महंगे हो गए हैं।
राशन कार्ड और खाद्य सुरक्षा
राशन वितरण प्रणाली को लेकर सरकार ने 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलने वाला मुफ्त राशन जारी रहेगा। राशन चोरी रोकने के लिए डिजिटल e-PoS मशीनों के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया गया है। अब लाभार्थी देश के किसी भी कोने से अपने हिस्से का अनाज ले सकेंगे।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि उच्च आय वर्ग वाले लोग जो गलत तरीके से राशन का लाभ ले रहे हैं, उनके कार्ड रद्द किए जाएंगे ताकि केवल जरूरतमंदों को ही लाभ मिले। सरकार ने राशन पर होने वाले खर्च (फूड सब्सिडी) को बरकरार रखा है ताकि गरीब तबके पर महंगाई की मार न पड़े, लेकिन साथ ही 'सटीक लक्ष्यांकन' (Targeted Delivery) के जरिए लीकेज रोकने की भी कोशिश की है। Edited by : Sudhir Sharma