Aaj ka sher, aziz ansari | साथ तेरे जो दिन गुज़ारे हैं
साथ तेरे जो दिन गुज़ारे हैं,
वो फ़क़त गुज़रे माहोसाल नहीं,
मेरी तन्हाई के सहारे हैं - अज़ीज़ अंसारी
वो फ़क़त गुज़रे माहोसाल नहीं,
मेरी तन्हाई के सहारे हैं - अज़ीज़ अंसारी
