Aaj ka sher, Flowers | फूलों की बस्ती में जाना
काँटों से गुजर जाना, शोलों से निकल जाना,
फूलों की बस्ती में जाना तो सँभल जाना।
फूलों की बस्ती में जाना तो सँभल जाना।

