Aaj ka sher, Rana | तेरा इंतज़ार लाज़िम है
ये सोच कर के तेरा इंतज़ार लाज़िम है,
तमाम उम्र घड़ी की तरफ़ नहीं देखा - मुनव्वर राना
तमाम उम्र घड़ी की तरफ़ नहीं देखा - मुनव्वर राना
