Aaj ka sher | उस पे भला क्या बीती होगी
हम पर दुख का परबत टूटा तब हमने दो-चार कहे,
उस पे भला क्या बीती होगी जिसने शेर हज़ार कहे - बालस्वरूप राही
उस पे भला क्या बीती होगी जिसने शेर हज़ार कहे - बालस्वरूप राही
