रागिनी खन्ना, सचिन, मनीष पॉल, सुमित राघवन और छवि मित्तल जैसे कलाकारों को अब तक आपने अभिनय करते ही देखा होगा। अब ये कलाकार गाते हुए नजर आएंगे। स्टार तो ये हैं ही अब रॉकस्टार बनने की कोशिश करेंगे। जी टीवी पर 8 अक्टूबर से ‘स्टार या रॉकस्टार’ शुरू होने जा रहा है। इस रियलिटी शो में आठ अभिनेता अपने अन्दर छिपे गायक को सभी के सामने पेश करेंगे। 9 सप्ताह तक चलने वाले इस शो में कड़ी स्पर्धा देखने को मिल सकती है क्योंकि ये सभी अभिनेता इस शो और गायन को गंभीरता से ले रहे हैं।
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26 सितंबर की शाम मुंबई में इस कार्यक्रम की लांचिंग के दौरान उन्होंने अपनी गायकी के कुछ नमूने पेश किए जिसे सुन यह अंदाज लगाना मुश्किल नहीं है कि आने वाले दिनों में ये अभिनेता, गायक के रूप में भी बेहतर छाप छोड़ने के लिए कटिबद्ध हैं।
आमतौर पर इस तरह के रियलिटी शो में जजों का पैनल देखा जाता है, लेकिन ‘स्टार या रॉकस्टार’ में केवल एकमात्र जज के रूप में अनु मलिक नजर आएंगे। इसको लेकर पत्रकार वार्ता में अनु मलिक को कुछ तीखे सवालों का सामना भी करना पड़ा क्योंकि एकमात्र जज का झुकाव किसी एक खास गायक की तरफ भी हो सकता है। इस पर अनु का कहना है कि उनकी ईमानदारी पर सभी को विश्वास करना चाहिए क्योंकि वे उसकी ही प्रशंसा करेंगे जो अच्छा गाएगा।
वैसे अनु जरूर कह रहे हैं कि ये जी टीवी की टीम का फैसला है कि कितने जज रखे जाएं, लेकिन हमें एक सूत्र ने बताया ‘अनु ने इस शो को साइन करते वक्त कहा था कि उन्होंने संगीत के कई रियलिटी शो में जज की भूमिका निभाई है और वे अपने आप में एक पैनल हैं, इसलिए दूसरे जजों की कोई जरूरत नहीं है।
जब चैनल और प्रोडक्शन हाउस ने जोर दिया कि एक जज को रखना ठीक नहीं होगा, दूसरा जज भी जरूरी है तो अनु ने शो को छोड़ने तक की धमकी दे डाली। आखिर में अनु की बात मान ली गई, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों से अनु को लगने लगा है कि उनका निर्णय ठीक नहीं है।
इस अवसर पर शो में हिस्सा ले रहीं रागिनी खन्ना ने बताया ‘मेरी नानी स्वर्गीय निर्मला देवी प्रसिद्ध गायिका रही हैं इस वजह से गायन के प्रति मेरे मन में भी रुझान बचपन से था। 15 वर्ष की उम्र तक मैंने शास्त्रीय गायन सीखा है, लेकिन फिर अभिनय में व्यस्त हो गईं। मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम के जरिये मुझे एक बार फिर गायन की ओर लौटने का अवसर मिला है।‘
बतौर निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और डांस में अपनी प्रतिभा दिखा चुके सचिन बेहतर गाते भी हैं। उन्होंने बताया ‘मैं कुछ न कुछ नया सीखते रहना चाहता हूं जिससे कलाकार के रूप में मेरा विकास होता रहता है। ‘स्टार या रॉकस्टार’ जरिये हम बता सकते हैं कि हमारे अंदर भी गायक छिपा हुआ है। मैं इसे हल्के-से नहीं ले रहा हूं। इस वक्त सिंगिंग के अलावा मुझे कुछ नहीं सूझ रहा है।‘
सुमित राघवन तो छुपे हुऐ रुस्तम साबित हो सकते हैं क्योंकि वे सुरेश वाडेकर से गायिकी सीख चुके हैं। वे बताते हैं ‘मेरी जिंदगी में एक मोड़ ऐसा आया जब मुझे गायन या अभिनय में से किसी एक को चुनना था, मैंने अभिनय को चुना। कभी सोचा नहीं था कि सब के सामने गाने को अवसर मुझे मिलेगा।‘ किस स्टार के अंदर रॉकस्टार छिपा हुआ है ये इस शो के जरिये पता चलेगा।