पिछले जन्म की याद के लफड़े...
अगर पिछला जन्म होता है, तो सबसे पहला जन्म क्यों हुआ होगा और पहले जन्म से पहले हम क्या थे? इतनी आबादी बढ़ रही है, तो बहुत से लोगों का यह पहला ही जन्म होगा। क्या वे बता पाएँगे कि जन्म से पहले वे कहाँ थे, क्या कर रहे थे? ये सारी बातें इसलिए क्योंकि टीवी पर जल्द ही एक शो "राज पिछले जन्म का" आने वाला है। सात दिसंबर से यह शो एनडीटीवी इमेजिन पर शुरू हो रहा है। इस शो में कुछ जानकार प्रतिभागियों को उनके पिछले जन्म में ले जाएँगे। इस शो के विज्ञापन आना शुरू हो गए हैं। यह पहली बार है जब कोई टीवी शो इस तरह का काम कर रहा है। कई धर्म इस बात को नहीं मानते कि दूसरा भी कोई जन्म होता है। इस्लाम के अनुसार मरने के बाद कब्र में पहुँचते ही कर्मों के आधार पर मुर्दे से व्यवहार शुरू हो जाता है, जो कयामत यानी प्रलय तक चलता है। फिर कयामत में लोगों को कब्रों से उठाया जाएगा और सबका हिसाब-किताब किया जाएगा। ईसाई भी कुछ इसी तरह की धारणा रखते हैं। बौद्ध, जैन, हिन्दू वगैरह जरूर पूर्व जन्म में विश्वास रखते हैं। इस मामले में ओशो का कहना यह है कि कई जन्म होते तो हैं, मगर कुदरत जान-बूझकर पिछले जन्म की स्मृति मिटा देती हैं। अगर किसी आदमी को पिछले जन्म की भी याद हो, तो गड़बड़ हो सकती है। फर्ज कीजिए कि २३ साल के एक आदमी को पिछले जन्म की याद आ जाती है और पिछले जन्म में वो सत्तर साल का होकर मरा था। अब उसका व्यवहार कैसा होगा? तेईस साल के नौजवान जैसा या सत्तर साल के बूढ़े जैसा? या मिला-जुला? इस जन्म के रिश्तेदारों के प्रति उसकी वफादारी ज्यादा होगी या पिछले जन्म के रिश्तेदारों के प्रति? अपनी मौजूदा पत्नी और पहली पत्नी के प्रति उसका रवैया क्या होगा? क्या पिछले जन्म की उधारियाँ वह इस जन्म में चुकाएगा? सबसे बड़ी बात यह कि दो जन्मों की याद एक साथ रखने वाला पागल भी हो सकता है। भगवान बुद्ध ने अपने शिष्यों को पिछले जन्म याद करने की एक विधि भी दी थी, मगर इसका उपयोग यह था कि साधक अपने सारे जन्मों को देख ले और यह जान ले कि वही-वही मूर्खताएँ हर जन्म में वो करता रहा है। जो साधक नहीं है, उसके लिए पिछले जन्म की स्मृति फालतू चीज है। फायदा कुछ होने वाला नहीं है, हाँ गड़बड़ बहुत हो सकती है। अंत में लाख रुपए का सवाल यह कि क्या कोई किसी को पिछला जन्म याद दिला सकता है? नाटक तो जरूर किया जा सकता है। पिछला जन्म याद करने वाला और याद दिलाने वाला दोनों ही यदि नौटंकी हैं, तो फिर लोगों को भरमाया जा सकता है। अगर कोई कहे कि मैं पिछले जन्म में स्पेन में पैदा हुआ था, तो कौन दावा कर सकता है कि नहीं हुए थे। किसी भी मृतक की जानकारी निकालकर लोगों को भ्रम में डाला जा सकता है। देखना है यह शो क्या गुल खिलाता है।