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नई सोच के साथ नए आमिर

आमिर खान
आमिर खान अपने ढंग के अकेले आदमी हैं। सरकारी पुरस्कार लेने जब वो दिल्ली गए तो कई मंत्रियों ने उनसे मिलना चाहा। मगर आमिर ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। मंत्री के आगे दुम हिलाते हैं वो लोग, जिन्हें कोई काम कराना होता है। या वे लोग जो हर ताकतवर को देखते ही चिल्लाते हैं कि आलमपनाह तोहफा कबूल कीजिए...। आमिर खान को किसी मंत्री से क्या लेना-देना? लिहाजा वे नहीं मिले। जिस काम से गए थे, वो काम पूरा किया और आ गए। पुरस्कार लेने का मामला भी उनका अजीब है। अगर उन्हें लगता है कि अमुक पुरस्कार उन्हें मक्खन लगाने के लिए अथवा उनकी सितारा इमेज भुनाने के लिए नहीं दिया जा रहा, तो वे ले लेते हैं और लेने पहुँच जाते हैं। अभी पिछले दिनों दक्षिण भारत में वे एक अनाम-सा पुरस्कार लेने चले गए थे।

अब वे "कौन बनेगा करोड़पति" जैसे गेम शो के होस्ट बनकर आ रहे हैं। मीडिया और टीवी के प्रति उनका नजरिया पिछले कुछ दिनों से बदल रहा है। मीडिया भी उनसे आजकल व्यर्थ सवाल नहीं पूछता, एकाकी रहने की उनकी आदत को मीडिया ने समझा है और सम्मान दिया है। बदले में आमिर ने भी मीडिया की तरफ दोस्ती का कदम बढ़ाया है। अभिषेक का गेम शो बिंगो अभी-अभी ही सुपर फ्लॉप हुआ है। सलमान खान के गेम शो में नकलीपन आ गया था क्योंकि उसमें आम आदमी की नहीं, सितारों की शिरकत होने लगी थी। लोगों से जुड़कर जिस शो ने शोहरत कमाई थी, वो फिल्म प्रमोट करने का जरिया बन गया था। करोड़पति जैसे शो को वैसी कामयाबी नहीं मिली जैसी पहली बार मिली थी।

सो अब आमिर द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले गेम शो को बहुत कामयाबी मिल सकती है। ऐसे गेम शो के प्रति बहुत संदेह लोगों के मन में रहते हैं। आमिर के जुड़ने से यह होगा कि शो को विश्वसनीयता मिलेगी। लोगों को इस बात का भरोसा है कि आमिर किसी भी गलत चीज का साथ नहीं दे सकते। रोज वही के वही चेहरे देखकर ऊब चुके टीवी दर्शकों को आमिर के रूप में कुछ नयापन मिलेगा।
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अनहद