सम्बंधित जानकारी
- Share Market : शेयर बाजार में लौटी रौनक, Sensex 759 अंक की बढ़त के साथ बंद, Nifty में भी तेजी
- बिकवाली के दबाव में Sensex 1190 अंक फिसला, Nifty भी लुढ़का
- अदाणी समूह की 11 कंपनियों में से 9 के शेयर चढ़े
- Share bazaar: अदाणी और अन्य शेयरों में तेजी से Sensex और Nifty में रही बढ़त
- Adani Group की कंपनियों में तेजी के साथ Sensex 230 अंक चढ़ा, Nifty में भी आई तेजी
एक्स डेट हुआ विप्रो का शेयर, क्या होगा निवेशकों पर असर?
Wipro share news: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो के बोनस शेयर की एक्स डेट आज है। कंपनी की तरफ से मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1:1 बोनस शेयर जारी किया गया था। इसके एक्स डेट होने से आपके पास मौजूदा शेयरों की संख्या डबल हो गई लेकिन उसकी वैल्यू वही रहेगी।
विप्रो के इस कदम से विप्रो का शेयर प्राइस काफी सस्ता हो गया और इससे दोबारा निवेश का मौका बनेगा। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में विप्रो के शेयर की कम 291 रुपए थी जबकि सोमवार को इसके दाम 550 रुपए से भी ज्यादा था।
क्या होता है शेयरों का एक्स डेट होना : एक्स-डेट वह तारीख होती है जब कोई शेयर डिविडेंड, बोनस, राइट्स इश्यू, स्टॉक स्प्लिट, या बायबैक ऑफर के अधिकारों के बिना ट्रेड करना शुरू करता है। इन लाभों के लिए पात्रता पाने के लिए निवेशकों को एक्स-डेट से पहले संबंधित शेयर खरीदने होते हैं। रिकॉर्ड डेट पर, कंपनी पात्र शेयरधारकों की पहचान करती है।
2024 में कैसा रहा विप्रो का प्रदर्शन : 2024 में कंपनी के शेयरों ने अपने निवेशकों को 22.56 फीसदी का फायदा दिया है जबकि इस अवधि में सेंसेक्स में 11.82 फीसदी की बढ़त दिखाई दी है। सितंबर क्वार्टर में कंपनी को 3209 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था जो गत वर्ष की अपेक्षा 21 फीसदी ज्यादा था।
15 सालों में 4 बार बोनस शेयर : कंपनी ने अपने शेयरधारकों को पिछले 15 सालों में चार बार बोनस शेयर दिए हैं। इससे कंपनी में निवेशकों की शेयर होल्डिंग कई गुना बढ़ गई। 2010 में Wipro ने हर 3 शेयर पर 2 बोनस शेयर देने का ऐलान किया था। 2017 में निवेशकों को हर शेयर पर एक बोनस शेयर दिया गया। इसी तरह 2019 में भी 3 हर शेयरों पर एक बोनस शेयर दिया गया। 2024 में भी कंपनी ने हर शेयर पर एक बोनस शेयर देने का फैसला किया। इस तरह 2009 में खरीदे गए 100 शेयर बढ़कर 444 हो गए।
2010 से पहले भी कंपनी 10 बार शेयर होल्डर्स को बोनस शेयर जारी कर चुकी है। बोनस मिलने के बाद इक्विटी कैपिटल बढ़ जाता है, लेकिन फेस वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होता। निवेशकों को ज्यादा डिविडेंड के रूप इसका फायदा मिलता है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
edited by : Nrapendra Gupta
