सिंहासन बत्तीसी : सोलहवीं पुतली सत्यवती की कहानी

WD|
FC
सोलहवीं पुतली सत्यवती ने जो कथा कही वह इस प्रकार है-

राजा विक्रमादित्य के शासनकाल में उज्जैन नगरी का यश चारों ओर फैला हुआ था। एक से बढ़कर एक विद्वान उनके दरबार की शोभा बढ़ाते थे और उनकी नौ जानकारों की एक समिति थी जो हर विषय पर राजा को परामर्श देते थे तथा राजा उनके परामर्श के अनुसार ही राजकाज सम्बन्धी निर्णय लिया करते थे।
एक बार ऐश्वर्य पर बहस छिड़ी, तो मृत्युलोक की भी बात चली। राजा को जब पता चला कि पाताल लोक के राजा शेषनाग का ऐश्वर्य देखने लायक है और उनके लोक में हर तरह की सुख-सुविधाएं मौजूद हैं।

चूंकि वे भगवान विष्णु के खास सेवकों में से एक हैं, इसलिए उनका स्थान देवताओं के समकक्ष है। उनके दर्शन से मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है।


और भी पढ़ें :