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  4. What are the latest demographics regarding the Hindu population in Bangladesh
Written By WD Feature Desk
Last Updated : शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 (14:44 IST)

बांग्लादेश में कितने प्रतिशत हैं हिंदू और हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ मंदिरों के क्या है हाल?

Hindus in Bangladesh
Hindus And Temples in Bangladesh: भारत के बंटवारे में सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीरी, पंजाबी, सिंधी और बंगालियों को हुआ। खासकर विभाजन तो पंजाब और बंगाल का ही हुआ था। पंजाब में सिख और बंगाल में हिंदुओं की बहुलता के बावजूद धर्म के आधार पर विभाजन हुआ। चलिए जानते हैं बंगाल से अलग होकर बने मुस्लिम देश बांग्लादेश में कितने हिंदू बचे हैं और क्या हाल है वहां के मंदिर और तीर्थ स्थलों का।
 
कितने हिंदू बचे हैं बांग्लादेश में?:
बंग-भंग के दौर में पूर्वी बंगाल (वर्तमान में बांग्लादेश) में अनुमानीत रूप से 40 प्रतिशत हिन्दू आबादी निवास करती थी। आजादी के वक्त 13.50% हिंदू थे। 2011 की जनगणना के अनुसार बांग्लादेश में अब मात्र 8.54% हिन्दू ही बचे थे। बांग्लादेश में पहली जनगणना में (जब वह पूर्वी पाकिस्तान था) मुस्लिम आबादी 3 करोड़ 22 लाख थी जबकि हिन्दुओं की जनसंख्या 92 लाख 39 हजार थी। 70 वर्षों बाद हिन्दुओं की संख्या केवल 1 करोड़ 20 लाख है जबकि मुस्लिमों की संख्या 12 करोड़ 62 लाख से अधिक हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में यहां हिन्दुओं पर हमलों की कई घटनाएं हुई हैं। हिन्दुओं की संपत्तियों को लूटा गया, घरों को जला दिया गया तथा मंदिरों की पवित्रता को भंग कर उसे आग के हवाले कर दिया गया और ये हमले बेवजह किए गए। 1971 के भारत पाकिस्तान के युद्ध के दौरान चुन-चुनकर शिया और हिन्दुओं का कत्लेआम करना शुरू कर दिया। एक गैरसरकारी रिपोर्ट के अनुसार लगभग 30 लाख से ज्यादा हिन्दुओं का युद्ध की आड़ में कत्ल कर दिया गया। 
 
वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं की संख्या लगभग 1.31 करोड़ (13.1 मिलियन) बताई जा रही है। यह देश की कुल आबादी का लगभग 7.95% से 8% के बीच है।
 
सर्वाधिक हिंदू आबादी वाले जिले (जहाँ 20% से अधिक आबादी है):
गोपालगंज (ढाका डिवीजन): यहाँ सबसे अधिक, लगभग 26.94% हिंदू आबादी है।
मौलवीबाजार (सिलहट डिवीजन): यहाँ हिंदुओं की संख्या लगभग 24.44% है।
ठाकुरगांव (रंगपुर डिवीजन): यहाँ लगभग 22.11% हिंदू निवास करते हैं।
खुलना (खुलना डिवीजन): इस जिले में हिंदुओं की आबादी 20.75% के करीब है।
 
सर्वाधिक हिंदू आबादी वाले शहर (जहाँ 20% से कम आबादी है):
सिलहट (Sylhet): 13.51%
रंगपुर (Rangpur): 13.01%
खुलना (Khulna): 11.53%
बरिशाल (Barisal): 8.24%
चटगाँव (Chittagong): 6.61%
ढाका (Dhaka): 6.26%
नोट: उपरोक्त आंकड़े अनुमानित हैं।
 
जनसंख्या घटने के मुख्य कारण
हमले: आए दिन हिंदुओं के घरों और मंदिरों पर कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा हमले करना।
पलायन: धार्मिक असुरक्षा और आर्थिक कारणों से बड़ी संख्या में हिंदुओं का भारत की ओर प्रवास।
कम प्रजनन दर: मुस्लिम समुदाय की तुलना में हिंदुओं में जन्म दर (TFR) कम पाई गई है।
असुरक्षा: हाल के वर्षों (विशेषकर 2024-25) में हुई राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसा की घटनाओं ने समुदाय के भीतर डर पैदा किया है।
 
बांग्लादेश: शाक्त धर्म का ऐतिहासिक केंद्र:
बांग्लादेश, बंगाल और असम का क्षेत्र शाक्त धर्म (देवी आराधना) का प्रमुख गढ़ माना जाता है। यहाँ माता सती के कई महत्वपूर्ण शक्तिपीठ स्थित हैं, जो भारत के विभाजन के बाद अब बांग्लादेश की सीमा में आते हैं। 108 शक्तिपीठों में से बांग्लादेश में 5 और पश्‍चिम बंगाल में 12 शक्ति पीठ या रक्तपीठ है।
 
बांग्लादेश के 5 प्रमुख शक्तिपीठ:
1. श्रीशैल (सिल्हैट): यहाँ माता की ग्रीवा (गला) गिरी थी। देवी का रूप 'महालक्ष्मी' है।
2. करतोयातट (भवानीपुर): यहाँ माता की पायल गिरी थी। देवी का रूप 'अपर्णा' है।
3. यशोर (खुलना): यहाँ माता के हाथ और पैर गिरे थे। देवी का रूप 'यशोरेश्वरी' है।
4. चट्टल (चटगांव): चंद्रनाथ पर्वत पर माता की दायीं भुजा गिरी थी। देवी का रूप 'भवानी' है।
5. जयंती (सिल्हैट): खासी पर्वत पर माता की बायीं जंघा गिरी थी। देवी का रूप 'जयंती' है।
 
बांग्लादेश के प्रमुख हिंदू मंदिर
1. ढाकेश्वरी मंदिर (ढाका): यह बांग्लादेश का राष्ट्रीय मंदिर है और 51 शक्तिपीठों में से एक है (सती का मुकुट यहाँ गिरा था)।
2. आदिनाथ मंदिर (मोहेशखली): मेनाक पहाड़ी पर स्थित भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिर।
3. कांताजी मंदिर (दिनाजपुर): राधा-माधव संप्रदाय का मुख्य कृष्ण मंदिर, जो अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
4. कोडला मठ (बागेरहाट): 17वीं शताब्दी का मंदिर, जो वर्तमान में बौद्ध मठ के रूप में जाना जाता है।
5. पुठिया मंदिर परिसर (राजशाही): राजपरिवार द्वारा निर्मित मंदिरों का समूह, जिसमें गोविंद और शिव मंदिर प्रमुख हैं।
6. पूर्ण चंडी मंदिर (पुष्करणी): प्राचीन वास्तुकला वाला देवी चंडी का सुंदर मंदिर।
7. जॉय काली मंदिर: लगभग 400 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर।
8. काल भैरव मंदिर (ब्राह्मणबारिया): भगवान शिव और माता काली की पूजा का प्रमुख केंद्र।
9. रथ मेला मंदिर (डुमुरिया): भगवान जगन्नाथ को समर्पित, जहाँ वार्षिक रथ मेला आयोजित होता है।
10. चैतन्य देव मंदिर (सिलहट): वैष्णव संप्रदाय और इस्कॉन से जुड़ा प्रमुख तीर्थ।
11. तारापीठ: तारा देवी को समर्पित हिंदू और बौद्ध तंत्र साधना का प्रसिद्ध केंद्र।
12 अन्य तीर्थ स्थल: बांग्लादेश की प्रमुख नदियाँ जैसे पद्मा, ब्रह्मपुत्र और मेघना के तटों पर सैकड़ों हिंदू तीर्थ और प्राचीन बस्तियां स्थित हैं।
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