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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 (16:46 IST)

Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा का व्रत क्यों रखते हैं, क्या है इसे रखने के फायदे?

2026 Paush Purnima Vrat Benefits
Paush Purnima Vrat Benefits: हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा का अद्भुत संगम होता है क्योंकि पौष का महीना भगवान सूर्य को समर्पित है और पूर्णिमा तिथि चंद्रमा की है। इस बार नववर्ष 2026 में पौष पूर्णिमा 3 जनवरी, दिन शनिवार को मनाई जा रही है। इस दिन व्रत-उपवास रखा जाता है।ALSO READ: माघ मेला 2026: स्नान की तिथियां और कल्पवास का महत्व जानें
 
पौष पूर्णिमा का व्रत रखने के प्रमुख कारण और फायदे/ लाभ नीचे दिए जा रहे हैं:
 
1. मोक्ष और पापों से मुक्ति: 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों- जैसे गंगा या यमुना में स्नान करने और व्रत रखने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं। इसे 'मोक्षदायिनी पूर्णिमा' भी कहा जाता है क्योंकि यह जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी जाती है।
 
2. मानसिक शांति और एकाग्रता:
चूंकि चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए पूर्णिमा का व्रत रखने से मानसिक तनाव कम होता है। यह मन को शांत करने, भावनाओं को संतुलित करने और आत्मबल अर्थात् Self-confidence बढ़ाने में मदद करता है।
 
3. सूर्य और चंद्रमा दोनों की कृपा:
पौष मास सूर्य देव का महीना है और पूर्णिमा चंद्र देव की तिथि। इस दिन व्रत रखकर दोनों की पूजा करने से कुंडली में सूर्य और चंद्रमा से संबंधित दोष दूर होते हैं और व्यक्ति को तेज व शीतलता दोनों प्राप्त होती है।ALSO READ: Paush Month Festivals: पौष महीना 2025-2026: प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची
 
4. सुख-समृद्धि और लक्ष्मी कृपा:
पौष पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
 
5. स्वास्थ्य लाभ:
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो पूर्णिमा के दौरान उपवास रखने से शरीर का मेटाबॉलिज्म/ Metabolism बेहतर होता है और पाचन तंत्र को आराम मिलता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।
 
इस दिन के विशेष फायदे जानें एक नजर में:
 
* आध्यात्मिक- पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति।
 
* मानसिक- तनाव से मुक्ति और बेहतर एकाग्रता।
 
* पारिवारिक- घर में सुख, शांति और सामंजस्य।
 
* ज्योतिषीय- चंद्र दोष और सूर्य दोष से मुक्ति।
 
इस दिन व्रत करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होता है जो मानसिक शांति, सुख, और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।
 
विशेष: इस दिन से ही 'माघ स्नान' की शुरुआत होती है और प्रयागराज में प्रसिद्ध माघ मेला भी इसी दिन से प्रारंभ होता है। इस दिन विशेषकर कंबल, तिल और गुड़ का दान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: माघ मेले में जा रहे हैं तो करें पांच तरह का दान, सभी संकट हो जाएंगे दूर
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