2010 : किताबें जो रहीं चर्चा में

भाषा| Last Updated: बुधवार, 9 जुलाई 2014 (23:35 IST)
भारतीय साहित्य जगत के लिये यह साल काफी व्यस्त रहा जहाँ किताबों के स्टाल पर कुछ आकर्षक शीषर्कों वाली किताबों की जबर्दस्त माँग रही, लेखकों ने नए शिखर को छुआ वहीं विवाद भी हुए। इस वर्ष प्रकाशकों ने विभिन्न शीषर्कों जैसे बिजनेस, जीवनी और यादें, व्यावसायिक कहानियाँ, साहित्यिक कहानियाँ, स्वयं सहायता वाली पुस्तकों को प्रकाशित किया।

बड़े बेआबरू होकर...
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने साल की शुरूआत अपनी किताब ‘किपिंग द फेथ’ से की। इसमें उन्होंने अपनी पार्टी (माकपा), वाम मोर्चे की नीतियों की आलोचना की जिसके फलस्वरूप उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। चटर्जी ने अपनी किताब में आरोप लगाया कि माकपा महासचिव का ‘घमंड’ चुनाव में हार के लिये जिम्मेदार है।
शिवसेना के विरोध में
भारत में जन्मे कनाडाई नागरिक रोहिंटन मिस्त्री इस साल सुखिर्यों में रहे। उनकी किताब ‘सच ए लांग जर्नी’ को शिवसेना की छात्र शाखा के विरोध के बाद मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति ने बीए के पाठ्यक्रम से वापस ले लिया। शिवसेना ने कहा कि इस किताब में मराठी लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की गई हैं। बाद में लेखक ने अपने खुले पत्र में विश्वविद्यालय के इस फैसले पर गहरी निराशा जताई।
खुशवंत सिंह की चार खुशियाँ
भारत के चर्चित स्तंभकार खुशवंत सिंह की लेखन के प्रति दिलचस्पी बनी रही और उनकी इस साल चार किताबें -‘द सनसेट क्लब’, ‘सिटी इंप्रूबेबल’ ‘अब्सल्यूट खुशवंत’ और 'व्हाई आई सपोर्टेड द इमरजेंसी' बाजार में आई।

प्रधानमंत्री की बेटी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बेटी दमन सिंह इस साल अपने दूसरे उपन्यास के साथ आईं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि वह अपने पिता जी के बारे में एक किताब लिखेंगी।

भारत बना मेहमान
इटली में 13 से 17 मई तक चले 23वें तूरीन अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में भारत आमंत्रित देश रहा
बुश पर जूता और फिर किता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश पर जूता फेंककर रातोंरात चर्चा में आए इराकी पत्रकार मुंताधर अल-जैदी ने इस वर्ष किताब लिखकर अपनी लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश की। इराक के पत्रकार मुंताधर अल-जैदी ने एक किताब ‘द लास्ट सैल्यूट टू प्रेसीडेंट बुश’ लिखी है। इस किताब में 14 दिसंबर 2008 को बगदाद में आयोजित उस संवाददाता सम्मेलन की भी कहानी है जिसमें उन्होंने बुश को कुत्ता कहते हुए उनकी तरफ निशाना बनाकर जूता उछाला था।
जैदी की इस किताब में वर्ष 1991 में शुरू हुए खाड़ी युद्ध के बाद इराक के लोगों की मिली पीड़ा और उनके उत्पीड़न की कहानी भी है। यह किताब जूता उछालने की घटना की दूसरी सालगिरह के मौके पर 14 दिसंबर को जारी की गई। इस घटना के बाद जैदी को गिरफ्तार कर लिया गया था और नौ महीने तक जेल में रखा गया था । इसमें से तीन महीने तक उन्हें काल कोठरी में रखा गया था। उन्होंने मीडिया को बताया कि इस दौरान उन्हें मारापीटा गया और पूछताछ के दौरान तीन बार बिजली के झटके भी दिए गए।
इस्लाम पर वकील की नज
उच्चतम न्यायालय के वकील आरवी भसीन की किताब ‘इस्लाम-ए कॉन्सेप्ट ऑफ पॉलिटिकल वर्ल्ड इन्वेजन बाई मुस्लिम्स’ पर लगे प्रतिबंध को बम्बई उच्च न्यायालय ने हटाने से इंकार कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने 2007 में इस पुस्तक पर इस आधार पर प्रतिबंध लगा दिया था कि इसमें इस्लाम के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की गई हैं जिनसे धार्मिक भावनाएँ आहत हो सकती हैं।
सरबजीत की फाँसी के बहान
पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह के वकील ने एक पुस्तक लिखने का फैसला किया है, जिसके केंद्र में ‘दया’ विषय रहेगा और उसमें कैदी के जीवन और उसके मामले को रेखांकित किया जाएगा।

गत वर्ष जून से सरबजीत के मामले को देख रहे वकील अवैस शेख अपनी पुस्तक ‘सरबजीत : ए केस ऑफ मिस्टेकन आइडेंटिटी’ में विभिन्न देशों में मौत की सजा देने के चलन के खिलाफ भी आवाज उठाएँगे। सरबजीत को पाकिस्तान की अदालत मौत की सजा सुना चुकी है लेकिन उसे अभी फाँसी नहीं चढ़ाया गया है। शेख ने कहा कि उन्होंने सरबजीत की सही पहचान के बारे में सबूत और प्रमाण पत्र एकत्रित किए हैं। लिहाजा उनके पास पुस्तक लिखने के लिये पर्याप्त जानकारी उपलब्ध है।
प्रधानमंत्री और कुत्ते-बिल्ल
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रड ने बच्चों के लिए एक पुस्तक लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने परिवार के पालतू जानवरों का जिक्र किया है। रड की किताब का शीषर्क ‘जेस्पर एंड अबे एंड द ग्रेट ऑस्ट्रेलिया डे कर्फल’ है। उन्होंने पूर्व प्ले स्कूल प्रस्तोता एवं अभिनेता रेस मलडून के साथ मिलकर यह पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक की कहानी अबे नाम के कुत्ते और जेस्पर नाम की एक बिल्ली के इर्द गिर्द घूमती है, जो ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के सरकारी आवास ‘किरीबिली हाउस’ के परिसर में उधम मचाते हैं।
पुरूषों की रंगरेलियों की महिला समर्थ
फ्रांस की जानीमानी महिला मनोविज्ञानी मैरिसी वैलेंट ने अपनी पुस्तक ‘मैन लव फिडेलिटी’ में पुरूषों के विवाहित जीवन से भटकने के अधिकार का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा है कि ‘एक विवाह’ मनुष्यों के लिए स्वाभाविक नहीं है और यह किसी रिश्ते के खिलाफ साजिश तक हो सकती है। वैलेंट की किताब में दावा किया गया है कि पुरूषों द्वारा कुछ मौकों पर रंगरेलियाँ मनाना उनकी शादी के लिए अच्छा हो सकता है।
ब्राउन की बिदाई का स
ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री डेविड लॉज ने अपनी नयी पुस्तक में दावा किया है कि बकिंघम पैलेस ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट से प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन की बिदाई में विलंब करने में मदद की थी ताकि डेविड कैमरन और निक क्लेग गठबंधन सरकार के लिये समझौता कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि बकिंघम पैलेस ने कंजरवेटिव तथा लिबरल डेमोक्रेट्स के साथ मिलीभगत की क्योंकि वह चाहता था कि ब्राउन मई की शुरुआत में तब तक पद पर बने रहें जब तक दोनों राजनीतिक दल एक गठबंधन सरकार बनाने के लिए समझौता नहीं कर लें।
पुस्तक के मुताबिक, राजमहल और दोनों दलों का मानना था कि अगर ब्राउन पद से जल्दी हट जाएँगे तो देश में सरकार नहीं रह पाएगी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन की पहली गठबंधन सरकार को जिन पाँच दिनों के दौरान आकार दिया गया, लॉज उसके अंदरूनी गवाह रहे हैं। वह लिबरल डेमोक्रेट्स के उस चार सदस्यीय दल में शामिल थे जिसने टोरी समकक्षों के साथ समझौता किया था।
टिनटिन का तकिया कलाम
बेल्जियम के मशहूर कार्टून चरित्र टिनटिन ‘बिलियन्स आफ बिलियन ब्लू ब्लिस्टेरिंग बरनासेल्स’ के हिंदी संस्करण में टिनटिन का तकिया कलाम ‘ग्रेट स्नेक्स’ की बजाय ‘बाल की खाल’ होगा और उसका परममित्र कैप्टन आर्चीबाल्ड ‘करोड़ों कसमसाते काले कछुओं’ कहता नजर आएगा। मूलत: फ्रांसीसी से 58 भाषाओं के बाद अब इसका हिंदी में अनुवाद किया गया है।



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