Hanuman Chalisa

वह इंसान जिसकी निकली है पूंछ और होते हैं चमत्कार...

गुरुवार, 6 अप्रैल 2017 (14:26 IST)
photo source : youtube
पश्चिम बंगाल में एक ऐसे व्यक्ति का जन्म हुआ जिसके पूंछ निकली हुई है। इस निकली हुई पूंछ के कारण ही लोग उसे 'हनुमान' का रूप मानते हैं। इस व्यक्ति का नाम है चन्द्रा ओरम। चन्द्रा की माता उसे हनुमान का अवतार मानती है तो पिता उसकी पूंछ को अभिशाप मानते हैं।
 
कहते हैं कि चन्द्रा की जन्म से ही एक पूंछ निकली हुई थी। चन्द्रा की मां एक हनुमान भक्त थी। इसे संयोग कहें या रहस्य कि चन्द्रा का जन्म भी रामनवमी के दिन ही आज से 27 साल पहले हुआ था। यही कारण था कि मां उसे हनुमान का अवतार मानती थी और मां ने ही उसे एक पंचमुखी हनुमान चित्र दिया। इस चित्र की पूजा चन्द्रा आज भी करता है।
 
हालांकि चन्द्रा के पिता की नजर में यह पूंछ एक अभिशाप थी। चन्द्रा के पिता ने इसी कारण उसकी पूंछ काटने की ठानी। लेकिन जैसे ही डॉक्टर ने उसकी पूंछ को छूआ तो चन्द्रा बीमार हो गया, तब से आज तक चन्द्रा अपनी पूंछ को किसी को भी छूने नहीं देता। अब यह भी प्रचलित हो गया है कि चन्द्रा की पूंछ से कोई भी छेड़छाड़ करने से वह भी बुरी तरह बीमार हो जाता है और जो चन्द्रा का आशीर्वाद लेता है वह रोगों से दूर हो जाता है। चन्द्रा चावलों के चंद दानों से अब लोगों का इलाज करता है। 
 
चन्द्रा का पूरा नाम चन्द्रा ओरम है, जो पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी क्षेत्र में रहता है। चन्द्रा ओरम की पूंछ लगभग साढ़े 13 से 14 इंच की है। माना जाता है कि इनकी पूंछ में बहुत सारे हिलिंग पॉवर हैं। कहते हैं कि चन्द्रा की पूंछ पर शोध हुए हैं लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हो पाया कि यह पूंछ कैसे उनके शरीर में निकल आई? अलीपुर द्वारा में चन्द्रा ओरम चाय बागान में मजदूरी करते हैं। 

Show comments

सभी देखें

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: 12 राशियों में किसे होगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?

गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?

सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय

मंगल का रोहिणी नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर कैसा होगा असर? जानें 5 आसान उपाय

सभी देखें

Weekly Horoscope 2026: सप्ताह का राशिफल (13-19 जुलाई 2026): किस राशि के लिए खुलेंगे सफलता के नए रास्ते?

पंढरपुर यात्रा 2026: कब से कब तक चलेगी, क्यों निकाली जाती है? जानें 800 साल पुरानी इस यात्रा का पूरा सफर

शनि की उल्टी चाल: 138 दिनों तक मीन राशि में वक्री रहेंगे शनिदेव, जानें अपनी राशि का हाल

मोक्ष या भौतिक सुख? जानें आषाढ़ और माघ गुप्त नवरात्रि की साधना में क्या है बुनियादी अंतर

हलहारिणी अमावस्या की पौराणिक कथा

अगला लेख