दुनिया कब खत्म होगी? जानिए धर्मों की भविष्यवाणियां

Last Updated: बुधवार, 19 अप्रैल 2017 (13:13 IST)
हिन्दू धर्म : के संबंध में हिंदू धर्म की धारणा मूल रूप से वेदों से प्रेरित है। प्रलय का अर्थ होता है संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना। प्रलय चार प्रकार की होती है- नित्य, नैमित्तिक, द्विपार्थ और प्राकृत। प्राकृत ही महाप्रलय है, जो कल्प के अंत में होगी। एक कल्प में कई युग होते हैं। यह युग के अंत में प्राकृत प्रलय को छोड़कर कोई सी भी प्रलय होती है। हिन्दू धर्म मानता है कि जो जन्मा है वह मरेगा। सभी की उम्र निश्चित है फिर चाहे वह सूर्य हो या अन्य ग्रह।
सवाल यह उठता है कि प्रलय की धार्मिक मान्यता में कितनी सच्चाई है या यह सिर्फ कल्पना मात्र है जिसके माध्यम से लोगों को भयभीत करते हुए धर्म और ईश्वर में पुन: आस्था को जगाया जाता है। जहां तक सवाल वैज्ञानिक दृष्टिकोण का है तो वह भी विरोधाभासी है।



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