चीन में कौन से हैं प्रमुख धर्म

Last Updated: गुरुवार, 18 सितम्बर 2014 (11:00 IST)
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धर्म : चीनी ग्रंथों के अनुसार में इस्लाम का आरंभ वर्ष 651 में हुआ। 651 को अरब के तीसरे खलीफा उथमान बी अफ्फान ने एक इस्लामिक मिशन चीन भेजा था। मिशन ने थांग राजवंश के सम्राट से मुलाकात के दौरान अनिश्वरवादी चीन में अपने देश के धर्म और रीति-रिवाज से चीनी सम्राट को अवगत कराकर। इसके बाद व्यापार के माध्यम से चीन-अरब का मिलन शिन्च्यांग प्रांत में रहता था जहां अरब विद्वान इस्लाम का भी प्राचार प्रसार करते थे। वर्ष 757 यानी चीन के थांग राजवंश में सैनिक विद्रोह को शांत करने के लिए थांग राजवंश के सम्राट ने अरब से सैनिक सहायता की मांग की थी। यहां व्यवस्था बनाने के बाद अरबी सैनिक चीन में ही बस गए।
शुंग राजवंश के अंत के बाद जंगेज ने पश्चिम चीन पर कब्जा करने का सैनिक अभियान आरंभ किया। इस इस्लामिक अभियान के दौरान मकबूजा जातियों को मुस्लिम धर्म अपनाना पड़ा। इन जातियों में खोरजम जाति की जनसंख्या सबसे ज्यादा थी। इन सभी जातियों के लोग बाद में चीन में ह्वेई जाति के लोग कहलाने लगे। वर्ष 1271 में मंगोल जाति ने दक्षिण शुंग राजवंश की सत्ता का तख्ता उलटकर य्वान राजवंश की सत्ता स्थापित की। य्वान राजवंश काल में संपूर्ण चीन में ह्वेई जाति के लोग फैलने लगे थे, तब ह्वेई व उइगुर जैसी 8-10 जातियों के लोग मुस्लिम बन चुके थे।

चीन की ह्वी, वेवूर, तातार, कर्कज, कजाख, उजबेक, तुंग श्यांग, सारा और पाओ आन आदि जातियों को उस काल में मुस्लिम बनना पड़ा था। आज शिन्च्यांग वेवूर स्वायत्त प्रदेश में सबसे ज्यादा मुसलमान रहते हैं तो उइगुर जाति के हैं जिनकी संख्या लगभग 1 करोड़ 80 लाख है। चीन में मुसलमान शिन्च्यांग वेवूर स्वायत्त प्रदेश, निंग श्या ह्वी स्वायत्त प्रदेश और छिंग हाई, कान सू एवं युन्नान आदि प्रांतों में फैले हुए हैं। वर्तमान में चीन में मस्जिदों की संख्या 30 हजार है। स्वायत्त शिन्च्यांग प्रांत के मुस्लिम अब चीन से अलग होना चाहते हैं।

क्रिश्चियन धर्म : वैसे तो क्रिश्चियन धर्म 7वीं शताब्दी में ही चीन में प्रवेश कर गया था। कैथोलिक पादरियों ने इसका चीन में प्रचार-प्रसार किया था। बाद में हांगकांग के रास्ते चीन में क्रिश्चियन धर्म का प्रवेश 19वीं शताब्दी में हुआ। अफीम युद्ध के बाद तो यह बड़े पैमाने पर चीन में प्रवेश कर गया।


वर्तमान चीन में क्रिश्चियन धर्म के अनुयायियों की संख्या एक-डेढ़ करोड़ से ज्यादा है। 17 हजार से ज्यादा चर्च और अन्य धार्मिक प्रतिष्ठान 12 से ज्यादा हैं।

स्रोत्र : CRI online
प्रस्तुति : अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'



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