Relationship Tips : दशहरा पर्व पर अपने रिश्ते के बीच आई बुराई को करें खत्म, अपनाएं टिप्स

दशहरे के दिन रावण का दहन किया जाता है। इस दिन असत्य पर सत्य की जीत, बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी। यह दिन हमें ये सीख देता है की बुराई कितनी भी क्यों न हो लेकिन जीत सिर्फ अच्छाई की ही होती है। वहीं इस दशहरे पर यदि आपके रिश्तें में दूरियां आ गई है या मनमुटाव चल रहा है। तो सभी बुराईयों को भूलाकर अपने पार्टनर की अच्छाईयों का ख्याल करके अपने रिश्तें को मजबूत बनाएं। यह पर्व परिवार के साथ मिलकर उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे में यदि आप अपने पार्टनर से किसी बात को लेकर नाराज है, तो सभी गिले शिकवों को मिटाकर
इस दशहरे से मन की सारी बुराईयों को खत्म कर एक अच्छे और सच्चे रिश्ते की शुरूआत करें। आइए जानते हैं कुछ टिप्स

एक-दूसरे से बात करें
यदि किसी बात को लेकर आप एक दूसरे से नाराज चल रहे है, तो बात जरूर करें। इस बात का ख्याल रखें कि हर बड़ी से बड़ी परेशानी का हल बातों में छुपा हुआ हैं, इसलिए एक दूसरे के लिए समय निकालें और जिस बात को लेकर आप परेशान है या ऐसी कोई बात जो आपको अपने पार्टनर की पसंद नहीं आई है उनसे जरूर शेयर करें ताकि जो गलतफहमी हुई है वो खत्म हो जाएं।
मिलजुकर करें त्योहार का स्वागत
त्योहार के समय पूरा परिवार एक साथ मिलकर पूरे उत्साह के साथ पूरे उमंग के साथ पर्व को मनाता है, ऐसे में रिश्तों में आई खटास उस उमंग को उस उत्साह को फीका कर देती है। इसलिए सारे गिले शिकवे भूलाकर आप दोनों अपने परिवार के साथ मिलकर त्योहार को उत्साह के साथ मनाएं।

अंहकार त्यागे
दशहरे के पर्व के दिन अपने रिश्तें में मिठास लाएं और एक-दूसरे के साथ प्रेम से रहे और बातों की शुरूआत करें। यदि मन में ये बात चल रही है कि पहले मैं ही क्यों बात करूं? तो इस अंहकार को खत्म कर दें। इस बात का ख्याल रखें कि अंहकार से सिर्फ रिश्ते खराब होते है इसलिए रिश्तों जोड़ने की कोशिश करें न की तोड़ने की इसलिए अंहकार त्यागे और आगे बढ़ें।



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