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हेमंत सोरेन का 27 दिसंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह

Jharkhand Assembly Election Results
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य विधानसभा चुनावों में विजयी विपक्षी गठबंधन के नेता हेमंत सोरेन अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ 27 दिसंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे।
 
झारखंड विधानसभा चुनावों में 81 सीटों में से 47 सीट जीतने के बाद गठबंधन के नेता हेमंत सोरेन के निवास पर रात्रि में आयोजित पहले संवाददाता सम्मेलन में सोरेन ने यह बात कही।
 
उन्होंने कहा कि अपनी इस इच्छा के बारे में गठबंधन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को सूचित करेगा और यदि उनकी सहमति मिली तो शपथ ग्रहण का कार्यक्रम मोरहाबादी मैदान में आयोजित होगा।
 
सरकार की संरचना के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह और हेमंत सोरेन ने बताया कि वे इसकी विस्तृत चर्चा के लिए मंगलवार को दिल्ली जाएंगे और वहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से बातचीत करेंगे। झामुमो ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन के आवास पर नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है।
 
पार्टी के प्रवक्ता और महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि मंगलवार को पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद अन्य सहयोगियों से विचार-विमर्श कर गठबंधन के विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें औपचारिक तौर पर हेमंत सोरेन को नेता चुने जाने के बाद राज्य में सरकार के गठन का दावा राज्यपाल के पास पेश किया जाएगा।
 
गठबंधन ने 47 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत : झारखंड विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने सोमवार रात तक सभी 81 सीटों के परिणाम घोषित कर दिए हैं और राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में बने झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने 47 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है।
 
5 चरणों में हुए थे चुनाव : झारखंड विधानसभा की 81 सीटों के लिए 30 नवंबर से प्रारंभ होकर 20 दिसंबर तक पांच चरणों में हुए चुनावों के अंतिम परिणाम देर रात्रि घोषित हुए और इनके अनुसार जहां भाजपा को सिर्फ 25 सीटें प्राप्त हुईं, वहीं विपक्षी गठबंधन को कुल 47 सीटें प्राप्त हुईं। गठबंधन में झामुमो को जहां 30 सीटें हासिल हुईं वहीं कांग्रेस को भी 16 और राजद को 1 सीट प्राप्त हुई।
 
आज्सू को मिली सिर्फ 2 सीट : इनके अलावा भाजपा की सरकार में सहयोगी रही आज्सू को भी गठबंधन तोड़ने का जबर्दस्त खामियाजा भुगतना पड़ा और उसे सिर्फ 2 सीटों से संतोष करना पड़ा जबकि उसने 53 सीटों पर चुनाव लड़ा था। आज्सू के अध्यक्ष सुदेश महतो सिल्ली से और गोमिया से लंबोदर महतो ही पार्टी की ओर से विधानसभा पहुंच सके।
 
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