नोटबंदी के कारण गई दो लोगों की जान
Publish Date: Tue, 22 Nov 2016 (16:31 IST)
Updated Date: Tue, 22 Nov 2016 (16:39 IST)
कोल्लम (कोट्टायम)। सहकारी बैंक में जमा किए पैसे नहीं निकाल पाने के डर से केरल में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी ली जबकि एक अन्य बुजुर्ग व्यक्ति की मौत बैंक की कतार में ही हो गई।
पुलिस ने बताया कि कोट्टायम जिले की पांबा घाटी के चेरूविल्लाइल के रहने वाले 73 वर्षीय ओमानकुट्टन पिल्लई ने अपने बेडरूम में कल फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिल्लई ने नोटबंदी से पहले सहकारी बैंक में पांच लाख रुपए जमा किए थे और उसके बाद काफी डरे हुए थे कि वे अपना पैसा नहीं निकाल पाएंगे।
एक अन्य घटना में 68 वर्षीय बुजुर्ग चंद्रशेखरन की मौत कोल्लम जिले में एक बैंक के लाइन में खड़े
रहने के दौरान हो गई। पुलिस ने बताया कि बीएसएनएल के पूर्व कर्मचारी दूसरी बार बैंक जाने के बाद स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर की नलीला शाखा की कतार में खड़े थे। बुजुर्ग सुबह में भी बैंक गए थे, लेकिन लंबी लाइन देखने के बाद वे वहां से वापस आ गए।
लंच के बाद दोबारा पैसे निकालने के लिए बैंक गए। बंक में जब वे अपना टोकन ले रहे थे तभी वे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जिंदगी बचाई नहीं जा सकी। इससे पहले भी स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर की शाखा में 11 नवंबर को एक बुजुर्ग की मौत कतार में हो गई थी जबकि एक अन्य की मौत बड़े नोट जमा करने के दौरान फॉर्म भरते समय हो गई थी। (भाषा)