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Last Updated : बुधवार, 13 जुलाई 2022 (23:02 IST)

मेरठ में याकूब कुरैशी के घर और फैक्टरी पर कुर्की की कार्रवाई, 125 करोड़ की संपत्ति पर हुआ एक्शन

मेरठ में याकूब कुरैशी के घर और फैक्टरी पर कुर्की की कार्रवाई, 125 करोड़ की संपत्ति पर हुआ एक्शन - Attachment action on Yakub Qureshi's house and factory in Meerut
मेरठ में याकूब कुरैशी का सराय बहलीम स्थित घर और अलीपुर स्थित अवैध मीट फैक्टरी को हाईकोर्ट का आदेश मिलते ही कुर्क कर दिया गया है। पुलिस ने याकूब और उसके बेटों की 125 करोड़ की संपत्ति को कुर्क किया है। विगत 31 मार्च को थाना खरखौदा क्षेत्र अलीपुर स्थित अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की थी।

इस फैक्टरी को अवैध निर्माण के चलते सीज किया हुआ था, लेकिन सील लगने के बावजूद फैक्टरी के अंदर मीट पैकिंग का काम चल रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में पैक करा हुआ और बिना पैकिंग का मीट बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ के आसपास थी। इस मामले में पुलिस ने हाजी याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे फिरोज, इमरान और मैनेजर मोहित त्यागी समेत 17 आरोपी बनाए थे।

पुलिस के आलाधिकारी ने बताया कि मीट प्रोसेसिंग फैक्टरी की कीमत 100 करोड़ से अधिक है, जबकि मकान व अन्य संपत्ति 25 करोड़ के आसपास की है। पुलिस ने आज याकूब की फैक्टरी और घर को कुर्क कर दिया है। पुलिस कुर्की की कार्रवाई में घर के अंदर से फर्नीचर, बेड, किचन का सामान जब्त कर ट्रक में लादकर थाने ले आई है।

पुलिस का कहना है कि घर के अंदर से ब्रांडेड सामान मिला है लेकिन घर से महंगे गहने इत्यादि नहीं हाथ लगे हैं। कुर्की के दौरान याकूब के घर पर ऐसा लग रहा था कि कोई यहां रह रहा है, क्योंकि खाने-पीने के झूठे बर्तन, किचन में रोटियां और डीफ्रीज में बकरे और भैंस का मीट मौजूद था।

31 मार्च 2022 को याकूब और उसके बेटे की फैक्टरी में पुलिस-प्रशासन ने छापेमारी की थी। इस फैक्टरी में सील लगी होने के बावजूद मीट प्रोसेसिंग का काम चल रहा था। छापेमारी में पुलिस ने लगभग 600 क्विंटल मीट पकड़ा था। जांच में खुलासा हुआ कि यह मीट खाने योग्य नहीं है।

पुलिस ने बताया कि बिना अनुमति पशु कटान के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से याकूब और उनका पूरा परिवार लंबे समय से फरार चल रहा है। कई बार उसके घर पर नोटिस भी चस्पा किया गया, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। हालांकि याकूब के पैरोकारों ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया परंतु राहत नहीं मिली।

मेरठ के एएसपी चंद्रकांत मीणा को केस का विवेचक बनाया गया है, उन्होंने बताया कि अल फहीम मीटेक्स कंपनी की आड़ में याकूब का परिवार चार अलग-अलग कंपनियां चला रहा था, ताकि टैक्स की चोरी की जा सके। दो कंपनी में याकूब का परिवार शेयरधारक है, जबकि अल फोजान कंपनी याकूब के पोते फोजान के नाम पर है। कुर्की की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में क्यूआरटी, पुलिस बल तैनात रहा।

पुलिस के दो डिप्टी एसपी अरविंद चौरसिया, अमित राय और कई अधिकारी शामिल रहे। याकूब के घर पर कुर्की की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया, आसपास के लोग एकत्रित हो गए, पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर 6 घंटे में कुर्की की कार्रवाई पूरी की है।