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जीवन की गुणवत्ता सुधारते हैं धर्म और अध्यात्म

टोरंटो
टोरंटो। धार्मिक परंपराएं एवं अध्यात्म जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने और मृत्यु दर एवं हृदय संबंधी रोग कम करने में मदद कर सकते हैं। यह बात यहां आयोजित एक सालाना सम्मेलन में एक भारतीय अध्ययन में कही गई।

दिल्ली में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी और मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान में एमेरिटस प्रोफेसर श्रीधर शर्मा ने कहा कि धर्म एवं अध्यात्म लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों, अवसाद और तनाव जैसी बीमारियों से बेहतर ढंग से निपटने में मदद करता है।
 
यहां पिछले सप्ताह संपन्न हुई अमेरिकी साइकिएट्रिक एसोसिएशन की 168वीं सालाना बैठक में विश्वभर के 200 से अधिक मनोरोग चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। यह बैठक 1 सप्ताह तक चली।
 
शर्मा ने कहा कि दिमाग, मन, शरीर, अध्यात्म एवं धर्म के बीच अंत:क्रिया हृदय की धमनी की बीमारी के उपचार में मददगार हो सकती है। यह मृत्युदर कम करके और दिल के दौरों की पुनरावृत्ति कम करके हृदय संबंधी बीमारियों में मानक स्वास्थ्य लाभ को बढ़ा सकती है। इस अंत:क्रिया को ‘मन-शरीर चिकित्सा’ के नाम से जाना जाता है।
 
उन्होंने कहा कि अध्यात्म एवं धर्म की सहायता से मिजाज अच्छा रहता है, जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है और बीमारियों से उबरने में मदद मिलती है। इससे उपचार के दौरान पैदा होने वाले लक्षणों जैसे कीमोथैरेपी के कारण होने वाली उल्टी, उबकाई और दर्द जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। (भाषा)