विदेश में भारतीय माँओं की माँग
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पिछले कुछ समय से भारतीय माँओं (सेरोगेट मदर) की माँग लगातार बढ़ रही है और विदेशों से बहुत सस्ते दर पर भारत में माँएँ उपलब्ध हैं! जो महिलाएँ पैसे के बदले विदेशी महिलाओं को किराए पर अपनी कोख उपलब्ध कराती हैं।
भारतीय महिलाएँ विदेशी दंपतियों के लिए सबसे बेहतरीन सेरोगेट मदर हैं। विदेशियों का मानना है कि अधिकांश भारतीय महिलाएँ शराब, सिगरेट से दूर रहती हैं और शाकाहारी होती हैं, जिस कारण उनके गर्भ में पलने वाली संतान पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। भारतीय महिलाओं को भी नौ महीने तक किराए पर कोख उपलब्ध कराने के लिए 60 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक मिल जाता है।
सेरोगेसी सेंटर इंडिया की निदेशक डॉ. शिवाजी सचदेव गौड़ के अनुसार पिछले दो साल में सौ से अधिक सेरोगेट मदर के बच्चों का जन्म उनके सेंटर में हुआ है और अगले आठ महीने में इतने ही बच्चों का जन्म होने वाला है। भारत में सेरोगेसी मदर का चलन बढ़ रहा है। देश में हर महीने दो से तीन भारतीय व 25 विदेशी अभिभावक सेरोगेसी के जरिए बच्चे हासिल कर रहे हैं। विदेशियों में अमेरिका, ब्रिटेन, कोरिया, चीन, मध्य पूर्व के देश, जकार्ता व अफ्रीकी देशों के अभिभावक शामिल हैं।
डॉ. शिवानी के अनुसार हमारे यहाँ सेरोगेसी के लिए आने वाले दंपति व सेरोगेट मदर बनने के लिए तैयार महिलाओं व उनके परिवार को पहले इससे जु़ड़े कानूनी पहलू की जानकारी दी जाती है। इसके बाद ही सेरोगेसी का फैसला लिया जाता है।
उनके अनुसार जिन महिलाओं के गर्भ में बच्चा नहीं ठहरता, बार-बार गर्भपात हो जाता है या किसी भी कारण से गर्भाशय में खराबी होती है, वह माँ बनने में असमर्थ होती हैं। इनके लिए सेरोगेसी यानी किराए का कोख ही सहारा होता है।

