सम्बंधित जानकारी
- क्यों हिंसक हो रहे इंसान के सबसे वफादार दोस्त, इंदौर भोपाल में बढ़े Dog Bite के केस, क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कुत्ते के काटने पर हर दांत के निशान पर देना होगा 10 हजार रुपए जुर्माना
- Live Updates 6 february : हरदा में पटाखा फैक्ट्री में धमाके, भोपाल और इंदौर में मेडिकल इमरजेंसी
- मोदी के मंत्री मुरुगन पर DMK नेता बालू का विवादित बयान, लोकसभा में हंगामा
- उत्तराखंड विधानसभा में पेश हुआ UCC, लगे जय श्रीराम के नारे
इंदौर से लेकर सूरत तक क्यों स्वच्छ शहरों में इंसानों पर हमला कर रहे कुत्ते, क्या है सफाई कनेक्शन?
- सूरत में 4 साल की बच्ची को नोच-नोच कर मार डाला
- सूरत में क्यों अचानक से आने लगे कुत्तों के काटने के 40 से ज्यादा मामले
- पिछले दिनों भोपाल में बच्चे का हाथ काटकर ले गए थे
- इंदौर, नोएडा आदि में भी लगातार बढ़ रही कुत्तों के काटने के केस
हाल ही में डिंडोली इलाके के श्रीनाथ नगर में 6 साल के पृथ्वीराज अमरेश चौहान को दो कुत्तों ने नोचकर बुरी तरह घायल कर दिया। जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को काट रहे : मेघना पटेल (एंटी रेबीज विभाग स्टाफ नर्स) के मुताबिक फिलहाल डॉग बाइट के रोजाना 35 से 40 नए मामले सामने आ रहे हैं। जबकि करीब 55 से 60 लोग पुरानी खुराक लेने आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सूरत के पांडेसरा, लिंबायत जैसे इलाकों में कुत्ते छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमला कर रहे हैं।
इंदौर और सूरत में क्यों काट रहे कुत्ते : दरअसल, इन दिनों कुत्तों के काटने के मामले मध्यप्रदेश के इंदौर में भी बढ़े हैं। इसके बाद अब सूरत में कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। दरअसल, इंदौर पिछले 6 सालों से देश के सबसे स्वच्छ शहरों में नंबर वन आ रहा है, इस बार गुजरात का सूरत भी स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल हुआ है। इसके बाद से इन दोनों शहरों में कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
सूरत के हाल
सूरत में 80 से 90 हजार कुत्ते : सूरत महानगर पालिका के मुताबिक सूरत शहर में 80 से 90 हजार कुत्ते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पालिका ने 30 हजार कुत्तों के खसीकरण का ठेका दिया था।
सूरत में 2700 कुत्ते, नसबंदी कर दी 30 हजार की, कैसे : सूरत में हाल ही में नया विवाद सामने आया है। आरटीआई के जरिए जो जानकारी निकलकर आई है उससे लोगों को हैरान कर दिया है। आधिकारिक तौर पर सूरत नगर निगम में 2700 आवारा कुत्ते हैं। लेकिन, सूरत नगर निगम ने 30 हजार कुत्तों को पकड़कर उनका खसीकरण किया है।
इंदौर के हाल
3500 केस कुत्तों के काटने के हर महीने : शासकीय हुकमचंद पालीक्लिनिक (लाल अस्पताल) के प्रभारी डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि हर महीने औसतन 3500 केस कुत्तों के काटने के आ रहे हैं। यह संख्या हर महीने कुछ ही ऊपर-नीचे होती है। डॉग बाइट की यह संख्या केवल लाल अस्पताल में आने वाले पीड़ितों की है। इसके अलावा शहर के अन्य अस्पतालों में भी सैकड़ों पीड़ित पहुंचते हैं।
- 3500 केस हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।
- 1 लाख 80 हजार कुत्तों की अब तक हुई नसबंदी।
- 60 हजार करीब कुत्ते नसबंदी से अभी भी वंचित हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉ प्रशांत तिवारी ने वेबदुनिया को बताया कि कुत्ते बेहद समझदार जीव हैं। कभी आगे से हिंसक होकर नहीं काटते हैं। यह सब निर्भर करता है कि हम उन्हें कैसे ट्रीट कर रहे हैं। डॉ तिवारी ने बताया कि यह बात सही है कि इन दिनों कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। लेकिन जहां तक काटने की बात है तो यह कुत्तों में चिड़चिड़ेपन की वजह से हो रहा है। अब सवाल उठता है कि कुत्ते क्यों हिंसक और चिड़चिड़े हो रहे हैं। डॉ तिवारी ने बताया कि इन वजह से कुत्ते हिंसक हो सकते हैं।
- सर्वाइवइल के संघर्ष से चिड़चिड़ापन बढ़ गया है।
- वाहन, हॉर्न, ट्रैफिक का शोर डिस्टर्ब कर रहा है।
- संख्या ज्यादा होने से सभी को खाना नहीं मिल पा रहा।
- असामाजिक तत्व कुत्तों को वेबजह परेशान करते हैं।
- अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुत्तों में असुरक्षा है।
- लोग कुत्तों और उनके बच्चों के साथ मारपीट करते हैं।
- इंदौर भोपाल में ठीक से नसबंदी नहीं हो पा रही है।
पीपल फॉर एनिमल संस्था के तहत कुत्तों के लिए शेल्टर होम संचालित करने वाली प्रियांशु जैन ने वेबदुनिया को बताया कि कुत्तों के हिंसक होने के पीछे वजह है कि सफाई की वजह से उन्हें खाना नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही कुत्ते अपने छोटे बच्चों के को लेकर भी असुरक्षित हैं। लोग कुत्तों और छोटे बच्चों के साथ भी मारपीट करते हैं। इस वजह से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। दूसरा इंदौर और भोपाल में ठीक से कुत्तों की नसबंदी नहीं हो रही है, जिससे इनकी तादात लगातार बढ़ रही है।
