RamVilasPaswan | केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान 74 वर्ष की आयु में निधन
नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रामविलास पासवान का दिल्ली में इलाज चल रहा था।
उनके बेटे चिराग पासवान ने एक ट्वीट करके पिता के निधन की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- पापा....अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं Miss you Papa.''
पापा....अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं।
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) October 8, 2020
Miss you Papa... pic.twitter.com/Qc9wF6Jl6Z
दूरदर्शी नेता : राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार रामविलास पासवान अक्सर कहते थे कि नेता वही हैं, जो 10 साल आगे की सोचता है। पासवान ने यह बात निश्चित रूप से अपने पुत्र को भी सिखाई होगी, इसलिए चिराग पासवान भविष्य की तैयारी में अभी से जुट गए हैं।
पासवान मोदी सरकार में उपभोक्ता मंत्री थे। रामविलास पासवान पिछले करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। एम्स में 2 अक्टूबर की रात को उनकी हार्ट सर्जरी की गई थी। यह पासवान की दूसरी हार्ट सर्जरी थी। इससे पहले भी उनकी एक बायपास सर्जरी हो चुकी थी।
01:08 AM, 9th Oct
राजद अध्यक्ष लालूप्रसाद ने ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री रामविलास के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि रामविलास भाई के असामयिक निधन का दुःखद समाचार सुन अति मर्माहत हूं। विगत 45 वर्षों का अटूट रिश्ता और उनके संग लड़ी तमाम सामाजिक, राजनीतिक लड़ाइयां आंखों में तैर रही हैं।
रामविलास भाई, आप जल्दी चले गए। इससे ज़्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं।
ॐ शांति ॐ
12:47 AM, 9th Oct
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को आज दोपहर 1 बजे पटना (Patna) ले जाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट से लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के प्रदेश कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
10:59 PM, 8th Oct
झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने पासवान के निधन पर गहरा दुःख एवं शोक प्रकट किया है और कहा कि वह कुशल राजनेता थे तथा कई दशकों से संसद में रहे। उन्होंने कहा कि वे दलित एवं पिछड़ों के प्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर उनकी आत्मा को चिरशांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दे।
10:58 PM, 8th Oct
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पासवान के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक सांसद रहे। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने ट्विटर पर अपने शोक संदेश में कहा कि शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
10:57 PM, 8th Oct
असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ट्वीट किया- केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवानजी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। वे भारतीय राजनीति के बड़े नेता थे जिन्हें देश के विकास की दिशा में बहुत योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस दु:ख की घड़ी में शोकाकुल परिवार और उनके शुभचिंतकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।
10:56 PM, 8th Oct
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया- रामविलास पासवानजी के निधन की खबर सुनकर बहुत दु:ख हुआ। वे एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता थे और लंबे से समय से सांसद थे। उनके परिवार, सहयोगियों और उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनाएं।
10:55 PM, 8th Oct
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पासवान के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के बड़े हस्ताक्षर थे। वे प्रखर वक्ता, लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक, मजबूत संगठनकर्ता और बेहद मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने कहा कि पासवान निधन से मुझे व्यक्तिगत तौर पर दु:ख पहुंचा है। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।
10:53 PM, 8th Oct
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- रामविलास पासवानजी वर्षों से मेरी मां के पड़ोसी रहे और उनके परिवार के साथ हमारा एक निजी रिश्ता था। उनके निधन की सूचना से बेहद दुःख हुआ है। चिरागजी और परिवार के समस्त सदस्यों को मेरी गहरी संवेदना। इस दुखद घड़ी में हम आपके साथ हैं।
10:53 PM, 8th Oct
उपराष्ट्रपति एम नायडू ने अपने शोक संदेश में कहा कि वे एक अनुकरणीय नेता थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक लोगों और देश की सेवा की। उन्होंने कहा कि पासवान एक उत्कृष्ट सांसद थे और हमेशा हाशिए के लोगों के सशक्तीकरण के लिए प्रयत्नशील रहते थे।
10:41 PM, 8th Oct
गृहमंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
सदैव गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण व अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले हम सबके प्रिय राम विलास पासवान के निधन से मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा राष्ट्रहित और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा। उनके स्वर्गवास से भारतीय राजनीति में एक शून्य उत्पन्न हो गया है। चाहे 1975 के आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष करना हो या मोदी सरकार में कोरोना महामारी में गरीब कल्याण के मंत्र को सार्थक करना हो, पासवानजी ने इन सभी में अद्वितीय भूमिका निभाई है। कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहते हुए, पासवानजी अपने सरल व सौम्य व्यक्तित्व से सबके प्रिय रहे। भारतीय राजनीति व केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी कमी सदैव बनी रहेगी और मोदी सरकार उनके गरीब कल्याण व बिहार के विकास के स्वपन्न को पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध रहेगी। मैं उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ। ॐ शांति
10:37 PM, 8th Oct
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिराग पासवान से बात की।
10:37 PM, 8th Oct
तेजस्वी यादव : रामविलास पासवानजी का निधन एक बेहद ही दुखद समाचार है। उन्होंने जिंदगीभर गरीबों की, वंचितों की, शोषितों की, दलितों की आवाज़ उठाई है और उत्थान की बात कही है। हमारे पिता से उनके बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। एक परिवार के रूप में हम लोग रहे हैं।
10:37 PM, 8th Oct
केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे : रामविलास पासवानजी इस देश के बड़े ही लोकप्रिय नेता और गरीबों के मसीहा के रूप में थे। उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है। भगवान उनके परिवार को इस दुख के समय में सहनशक्ति प्रदान करे।
10:37 PM, 8th Oct
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा- रामविलासजी गरीबों की चिंता करने वाले, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करने वाले थे। वे चाहे किसी भी सरकार में मंत्री रहे हों, सभी पार्टियों के साथ बराबर की दोस्ती, सभी को साथ लेकर चलना, समाज के प्रति समर्पण के साथ उन्होंने जीवन बिताया।
10:36 PM, 8th Oct
पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि 'लोकप्रिय जननेता रामविलास पासवानजी के निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि! दु:ख की इस असीम घड़ी में हम सब शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।
09:56 PM, 8th Oct
रामविलास पासवान के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए वे इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसा शून्य हो गया है, जिसे शायद कभी नहीं भरा जा सकेगा। राम विलासजी का जाना यह व्यक्तिगत क्षति है। मैंने अपना दोस्त और मजबूत सहयोगी खो दिया।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा रामविलास पासवानजी ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से राजनीति में कदम रखा। एक युवा नेता के रूप में उन्होंने आपातकाल के दौरान अत्याचार और हमारे लोकतंत्र पर हमले का विरोध किया। वे एक उत्कृष्ट सांसद और मंत्री थे, जिन्होंने कई नीतिगत क्षेत्रों में स्थायी योगदान दिया।I am saddened beyond words. There is a void in our nation that will perhaps never be filled. Shri Ram Vilas Paswan Ji’s demise is a personal loss. I have lost a friend, valued colleague and someone who was extremely passionate to ensure every poor person leads a life of dignity. pic.twitter.com/2UUuPBjBrj
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2020
साथ में काम करना, पासवानजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना एक अविश्वसनीय अनुभव रहा है। मंत्रिमंडल की बैठकों के दौरान उनके हस्तक्षेप व्यावहारिक थे। राजनीतिक ज्ञान, राज्य-कौशल से लेकर शासन के मुद्दों तक वे प्रतिभाशाली थे। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना। ओम शांति!
09:49 PM, 8th Oct
09:37 PM, 8th Oct
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि केन्द्रीय मंत्री व बिहार के प्रमुख नेताओं में से एक रामविलास पासवान के निधन की खबर अति दुःखद है। उनके परिवार व पार्टी के लोगों के प्रति गहरी संवेदना।
09:36 PM, 8th Oct
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री व लोकप्रिय राजनेता रामविलास पासवान के निधन से मन दुःखी है। वे भारतीय राजनीति में वंचित समुदाय के ओजस्वी स्वर थे। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परमधाम में स्थान प्रदान करें। ॐ शांति!
09:35 PM, 8th Oct
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर कहा कि ग़रीब, वंचित तथा शोषित के उत्थान में पासवान जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
09:25 PM, 8th Oct
रामविलास पासवान जी के असमय निधन का समाचार दुखद है। ग़रीब-दलित वर्ग ने आज अपनी एक बुलंद राजनैतिक आवाज़ खो दी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 8, 2020
उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएँ।
09:24 PM, 8th Oct
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया है। रामविलास पासवान संसद के सबसे अधिक सक्रिय और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मेंबर रहे। वे दलितों की आवाज थे और उन्होंने हाशिये पर धकेल दिए गए लोगों की लड़ाई लड़ी।
