Meerut Uttar Pradesh News : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 22 फरवरी ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ पहुंचकर नमो भारत ट्रेन और और आधुनिक मेरठ मेट्रो परियोजना को हरी झंडी दिखाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री स्वयं ट्रेन में सफर करते हुए श्रमिकों और बच्चों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। वहीं प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्यक्रम के माध्यम से व्यापक जनसमर्थन जुटाने के अभियान का रूप दे दिया है, जनसभा में लगभग एक लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। 21 फरवरी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरठ पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे।
ऐसे में यह आयोजन केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना का उद्घाटन भर नहीं रह जाता, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उभरते नए समीकरणों और संभावित राजनीतिक हलचलों का संकेत भी माना जा रहा है।
दिल्ली-मेरठ के बीच रफ्तार भरी शुरुआत
दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन से अब सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा होगा। वहीं मेरठ शहर के भीतर मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21–23 किलोमीटर का सफर करीब आधे घंटे में तय किया जा सकेगा। मेरठ मेट्रो 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित होगी।
यह देश की अनूठी पहल है, जहां राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा विकसित आरआरटीएस कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे पर नमो भारत ट्रेनों के साथ मेरठ मेट्रो भी संचालित होगी।
13 आधुनिक स्टेशनों से जुड़ेगा मेरठ
मेरठ मेट्रो 23 किलोमीटर के दायरे में 13 स्टेशनों पर रुकेगी। मेरठ साउथ स्टेशन, शताब्दी नगर स्टेशन, बेगमपुल स्टेशन और मोदीपुरम स्टेशन पर यात्रियों को नमो भारत ट्रेनों में चढ़ने-उतरने की सुविधा मिलेगी। इससे मेरठ के प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों को सीधे दिल्ली से कनेक्टिविटी मिलेगी।
व्यापार, शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा
नई कनेक्टिविटी से मेरठ के व्यापारियों को दिल्ली के बाजारों तक निर्बाध पहुंच मिलेगी। छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए आवागमन आसान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेनें
मेरठ मेट्रो की ट्रेनें स्टेनलेस स्टील से बनी एर्गोनॉमिक डिजाइन की होंगी। तीन कोच वाली प्रत्येक ट्रेन में 2x2 स्टाइल की 175 सीटें होंगी और एक बार में 700 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। सामान रखने के लिए रैक, खड़े यात्रियों के लिए ग्रैब हैंडल और आधुनिक इंटीरियर की व्यवस्था की गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए चार्जिंग पोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड, ऑडियो अनाउंसमेंट सिस्टम, इंडोर-आउटडोर सीसीटीवी कैमरे और पुश बटन वाले दरवाजे लगाए गए हैं। सभी स्टेशनों पर मुफ्त पेयजल और वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध होगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान, व्हीलचेयर और मेडिकल स्ट्रेचर के लिए स्थान भी सुनिश्चित किया गया है।
सुरक्षा और तकनीक में अव्वल
भीड़ प्रबंधन के लिए सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं। ट्रेनें ऊर्जा दक्ष तकनीक और आधुनिक रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस होंगी। सिग्नलिंग के लिए एलटीई आधारित हाइब्रिड लेवल-3 के साथ European Train Control System (ईटीसीएस) लेवल-2 प्रणाली का उपयोग किया गया है।
मेक इन इंडिया की मिसाल
मेरठ मेट्रो परियोजना मेक इन इंडिया के तहत 100 प्रतिशत स्वदेशी डिजाइन और निर्माण का उदाहरण है। यह परियोजना न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि मेरठ के विकास को भी नई दिशा देगी।
22 फरवरी को जब प्रधानमंत्री हरी झंडी दिखाएंगे, तब मेरठ की जनता के लिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का नया अध्याय शुरू होगा।
Edited By : Chetan Gour