शाह और चिदंबरम के बीच 'बदलापुर' की सियासत, अब जेल जाएंगे पूर्व गृहमंत्री?

विशेष प्रतिनिधि| Last Updated: गुरुवार, 22 अगस्त 2019 (11:22 IST)
भोपाल। में पूर्व गृहमंत्री की गिरफ्तारी के बाद सियासत की गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर जारी है। पूर्व गृहमंत्री की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में है और इसे बदले की राजनीति के साथ की गई कार्रवाई बता रही है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी खुद चिदंबरम का बचाव कर चुके हैं। कांग्रेस का कहना हैं कि पी. चिदंबरम के नाम न कोई एफआईआर दर्ज हुई है और न ही कहीं उनका नाम है, तो गिरफ्तारी क्यों?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पूनिया का कहना है कि भाजपा जबसे सत्ता में आई है, तब से ही वह अपने विरोधी दलों के खिलाफ सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। खुर्शीद का कहना है कि चिदंबरम के खिलाफ कोई मामला नहीं है और न ही बनता है।
इस बीच चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपने पिता की गिफ्तारी को गलत बताते हुए सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल उठाया है, वहीं भाजपा के सभी नेता कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए कह रहे हैं कि चिदंबरम जांच से क्यों बच रहे हैं?
सियासत का 'बदलापुर' क्यों?- चिदंबरम की गिरफ्तारी को सियासत का 'बदलापुर' क्यों कहा जा रहा है, इसके लिए आज से 10 साल पहले की सियासत और उस समय हुए घटनाक्रम को देखना होगा। यूपीए-2 सरकार में कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम 20 नवंबर 2008 से 31 जुलाई 2012 तक देश के गृहमंत्री थे।
इस दौरान गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली सीबीआई ने आज के गृहमंत्री और उस वक्त गुजरात भाजपा के बड़े नेता अमित शाह पर जमकर शिकंजा कसा था। गुजरात के चर्चित सोहराबद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह को 25 जुलाई 2010 को सीबीआई ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था।

उस वक्त अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर खुद को बेकसूर बताते हुए यूपीए सरकार और गृहमंत्री चिंदबरम पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। आज 10 साल बाद जब अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं तो सीबीआई ने पी. चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है। अपनी गिरफ्तारी से पहले पी. चिदंबरम ने भी प्रेस कॉन्फेंस कर खुद को बेकसूर बताते हुए इसके राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई बताया।
इस बीच भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक ट्वीट कर नया सियासी बखेड़ा कर दिया है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने ट्वीट कर लिखा कि 'न्याय तो होता है प्रभु के यहां। कलयुग में देर भी नहीं, अधंरे भी नहीं, वंदे मातरम्।'

भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर खुद मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी हैं और 9 साल तक जेल में रही चुकी हैं। खुद साध्वी प्रज्ञा कई बार पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर आरोप लगाते हुए कह चुकी हैं कि तत्कालीन गृहमंत्री चिदंबरम के इशारे में जेल में उनको प्रताड़ित किया गया था।



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