NEET Re-Exam 2026: कितना कठिन था पेपर, कट-ऑफ पर क्या होगा असर? एक्सपर्ट्स एनालिसिस
NEET Re-Exam 2026 Analysis: नीट री-एग्जाम 2026 संपन्न हो चुकी है और परीक्षा देकर निकले छात्रों के बीच इसे लेकर मिले-जुले रिएक्शंस देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ बायोलॉजी के सवालों ने छात्रों को राहत दी, वहीं फिजिक्स के लंबे और कठिन प्रश्नों ने उनकी असली परीक्षा ली। शिक्षा विशेषज्ञों के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, इस बार का पेपर पिछले मुख्य पेपर के मुकाबले थोड़ा कठिन और लंबा था, जिसका सीधा असर इस साल के कट-ऑफ और सेफ स्कोर पर पड़ सकता है।
क्या कहते हैं शिक्षा विशेषज्ञ?
आमतौर पर नीट परीक्षा का स्तर मध्यम माना जाता है, लेकिन इस बार देश के विभिन्न केंद्रों से निकले छात्रों ने मिक्स्ड रिएक्शंस दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों (Education Experts) के विश्लेषण के अनुसार इस बार फिजिक्स का सेक्शन उम्मीद से कहीं अधिक लंबा और कठिन रहा। कैलकुलेशन आधारित और घुमावदार प्रश्नों के कारण छात्रों का काफी समय इसी सेक्शन में चला गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यही वो विषय है जो इस साल मेरिट लिस्ट तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। ALSO READ: NEET Re-Exam 2026 खत्म, पर जंतर-मंतर पर क्यों अड़े हैं छात्र? जानें NTA का 'नो लीक' दावा और आगे क्या?
हालांकि हमेशा की तरह बायोलॉजी सेक्शन ने छात्रों को बड़ी राहत दी। प्रश्न सीधे और समझने में आसान थे, जिससे छात्रों को अपना स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा। केमिस्ट्री का स्तर सामान्य और संतुलित रहा। पेपर का कुल स्तर Moderate रहा। हालांकि जिन छात्रों ने NCERT आधारित तैयारी की है, उन्हें इस बार फायदा मिल सकता है। हालांकि टॉप रैंक के लिए Accuracy और Time Management निर्णायक होगा।
कट-ऑफ पर क्या होगा असर?
चूंकि छात्रों के अनुसार यह पेपर 3 मई के मुकाबले थोड़ा कठिन और लंबा था, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सामान्य श्रेणी का सेफ स्कोर 650 से 700 के बीच रह सकता है, जबकि क्वालिफाइंग परसेंटाइल पिछले वर्षों के रुझान के अनुरूप ही रहने की उम्मीद है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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