पीएम मोदी का ट्रंप के गाजा पीस प्लान को समर्थन, जानिए क्या कहा?
PM Modi on Trump Gaza Peace Plan : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीस प्लान पर हमास ने सहमति दे दी है। वह इसराइली बंधकों को रिहा करने पर राजी हो गया। इस बीच ट्रंप ने इसराइल से भी गाजा पर बमबारी रोकने को कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा में किए जा रहे शांति प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए ट्रंप की सराहना की है। ALSO READ: Gaza Peace Plan : ट्रंप की चेतावनी के बाद झुका हमास, रिहा होंगे सभी इजराइली बंधक
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'गाजा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति के बीच हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं। बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम हैं। भारत स्थायी और न्यायसंगत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता रहेगा।'
हमास की ओर से बंधकों की रिहाई की घोषणा के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि हमास की ओर से जारी हुए बयान के आधार पर मेरा मानना है कि वे स्थायी शांति के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इसराइल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए, जिससे कि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्द बाहर निकाल सकें।We welcome President Trumps leadership as peace efforts in Gaza make decisive progress. Indications of the release of hostages mark a significant step forward.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 4, 2025
India will continue to strongly support all efforts towards a durable and just peace.@realDonaldTrump @POTUS
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा था कि उसे प्रस्तावित समय शांति समझौते पर सहमत होना होगा। यह उसके लिए आखिरी मौका है। यदि समझौता नहीं हुआ तो हमास के खिलाफ ऐसा कहर टूटेगा जो पहले कभी नहीं देखा होगा।
बहरहाल हमास का कहना है गाजा में शांति के लिए बनाई गई अमेरिकी योजना के कई प्रमुख बिंदुओं पर वह चर्चा करना चाहता है। इस बीच ट्रंप ने इजराइल से भी गाजा पर हमले रोकने को कहा है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने गाजा के लिए 20 सूत्रीय शांति प्लान पेश किया था। इसके तहत सभी बंधकों की रिहाई के बाद, इजराइल 250 आजीवन कारावास की सजा पाए फिलिस्तीनी कैदियों और 7 अक्टूबर 2023 के बाद हिरासत में लिए गए 1700 अन्य गाजावासियों (महिलाओं और बच्चों सहित) को रिहा करेगा।
समझौता स्वीकार होते ही गाजा पट्टी में पूरी मानवीय सहायता तुरंत भेजी जाएगी, जिसमें बुनियादी ढांचे (पानी, बिजली, सीवेज), अस्पतालों और बेकरियों का पुनर्वास शामिल है। किसी को भी गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा और जो जाना चाहें वे स्वतंत्र रूप से जा और वापस आ सकेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta

