ऋषिकेश में 1923 में गंगा नदी पर बना लक्ष्मण झूला हुआ बंद

Last Updated: शुक्रवार, 12 जुलाई 2019 (19:09 IST)
देहरादून (उत्तराखंड)। में गंगा नदी पर स्थित ऐतिहासिक 'लक्ष्मण झूला' को शुक्रवार को कर दिया गया। दरअसल, विशेषज्ञों का मानना है कि 1923 में बना यह पुल और अधिक भार सहन नहीं कर सकता।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि यह पुल विशेषज्ञों की एक टीम के सुझाव के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने (विशेषज्ञों ने) पाया कि पुल के ज्यादातार हिस्से 'बहुत कमजोर' हो गए हैं या 'गिरने' की स्थिति में हैं।

'लक्ष्मण झूला' ऋषिकेश आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक मुख्य केंद्र रहा है। प्रकाश ने बताया कि विशेषज्ञों ने इस पुल को लोगों की आवाजाही सहित सभी तरह के यातायात के लिए फौरन बंद करने का सुझाव दिया था, क्योंकि और अधिक भार सहन करने की हालत में नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस पुल पर हाल के समय में अप्रत्याशित तरीके से लोगों की आवाजाही बढ़ गई और यह अब एक तरफ झुका हुआ प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पुल का इस्तेमाल किया जाना जोखिमभरा हो सकता है। इसे ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया।

यह पुल टिहरी जिले में तपोवन गांव को नदी के पश्चिमी तट पर स्थित पौड़ी जिले के जोंक से जोड़ता है। बताया जाता है कि महाकाव्य रामायण के एक महत्वपूर्ण पात्र लक्ष्मण ने इसी स्थान पर जूट की रस्सियों के सहारे नदी को पार किया था। इस पुल पर 'गंगा की सौगंध', 'संन्यासी' और लोकप्रिय जासूसी धारावाहिक 'सीआईडी' की शूटिंग भी हुई है।

 

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