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देश की पहली महिला राफेल पायलट हैं शिवांगी सिंह, जिन्हें पकड़ने का पाकिस्तान ने किया झूठा दावा, जानिए उनकी कहानी
shivangi singh first rafale pilot: पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जारी वार और पलटवार के दौरान एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि भारत की पायलट शिवांगी को पाकिस्तान ने गिरफ्तार कर लिया है। इस खबर का वीडियो भी खूब वायरल किया गया। हालांकि यह खबर पूरी तरह फर्जी साबित हुई। क्या आप जानते हैं पायलट शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला राफेल पायलट हैं। आइये इस आलेख में आपको देश की इस जांबाज बेटी के बारे में बताते हैं :
काशी की गलियों से निकलकर चूमा आसमान
29 वर्षीय शिवांगी मूलतः उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी पढाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पूरी की. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में एयर फोर्स एकेडमी जॉइन की। यहां शिवांगी ने भारत के सबसे पुराने फाइटर जेट्स में से एक, मिग-21 को उड़ाने की ट्रेनिंग ली। फिलहाल शिवांगी की पोस्टिंग अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर है। काशी की गलियों से निकलकर, नीले आकाश की सीमाओं को चुनौती देने वाली शिवांगी सिंह, सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारत की नारी शक्ति के बुलंद हौसले का प्रतीक हैं।
29 वर्षीय शिवांगी मूलतः उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी पढाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पूरी की. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में एयर फोर्स एकेडमी जॉइन की। यहां शिवांगी ने भारत के सबसे पुराने फाइटर जेट्स में से एक, मिग-21 को उड़ाने की ट्रेनिंग ली। फिलहाल शिवांगी की पोस्टिंग अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर है। काशी की गलियों से निकलकर, नीले आकाश की सीमाओं को चुनौती देने वाली शिवांगी सिंह, सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारत की नारी शक्ति के बुलंद हौसले का प्रतीक हैं।
विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ कर चुकी हैं काम, पति भी है पायलट:
2017 में, जब शिवांगी वायुसेना के लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच का हिस्सा बनीं, तो उन्होंने इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया था। मिग-21 बाइसन जैसे शक्तिशाली विमान को उड़ाने का अनुभव उनकी क्षमता और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान जैसे वीर योद्धा के साथ भी काम किया है। इस तरह उनके पास इस क्षेत्र का विस्तृत अनुभव है। शिवांगी के पिता, कामेश्वर सिंह, जो यात्रा के व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके पति भी भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट हैं। । इस तरह ये दोनों मिलकर देश की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं।
2017 में, जब शिवांगी वायुसेना के लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच का हिस्सा बनीं, तो उन्होंने इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया था। मिग-21 बाइसन जैसे शक्तिशाली विमान को उड़ाने का अनुभव उनकी क्षमता और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान जैसे वीर योद्धा के साथ भी काम किया है। इस तरह उनके पास इस क्षेत्र का विस्तृत अनुभव है। शिवांगी के पिता, कामेश्वर सिंह, जो यात्रा के व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके पति भी भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट हैं। । इस तरह ये दोनों मिलकर देश की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं।
अंतरिक्ष यात्री बनने का है सपना
शिवांगी के सपनों की उड़न अभी ख़त्म नहीं हुई हैं। उनके सपने और भी बड़े हैं। अब वह एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती हैं। असल में भारत एक मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की योजना बना रहा है और शिवांगी का सपना है कि वे उसका हिस्सा बनें। शिवांगी सिंह देश का अभिमान हैं और हमें ऐसी बेटियों पर नाज है।
शिवांगी के सपनों की उड़न अभी ख़त्म नहीं हुई हैं। उनके सपने और भी बड़े हैं। अब वह एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती हैं। असल में भारत एक मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की योजना बना रहा है और शिवांगी का सपना है कि वे उसका हिस्सा बनें। शिवांगी सिंह देश का अभिमान हैं और हमें ऐसी बेटियों पर नाज है।
