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Written By Author सुरेश एस डुग्गर
Last Modified: गुरुवार, 7 दिसंबर 2023 (10:21 IST)

वैष्णो देवी में कैसे टूटेगा श्रद्धालुओं का वर्ष 2012 का रिकॉर्ड?

वैष्णो देवी में कैसे टूटेगा श्रद्धालुओं का वर्ष 2012 का रिकॉर्ड? - How will the 2012 record of devotees in Vaishno Devi be broken?
जम्मू। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड इस तीर्थस्थान पर आने वालों को अपनी ओर खिंचने के प्रयासों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। वह पिछले कई सालों के दिसम्बर में आने वाले श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को लेकर चिंतित है। ऐसे में उसे लगता नहीं है कि वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष 2012 का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी।
 
2012 में 1.04 करेाड़ श्रद्धालुओं ने वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। पर उन्हें वर्ष 2013 के रिकॉर्ड के टूटने की उम्मीद जरूर है जब 93.23 लाख श्रद्धालु आए थे।
 
यही कारण है कि वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों को इस बार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के नए रिकार्ड को न छू पाने का अफसोस रहेगा क्योंकि अभी तक यात्रा में 88.59 लाख श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं जबकि पिछले कई सालों का रिकार्ड दर्शाता है कि दिसम्बर में 6.50 लाख के करीब ही श्रद्धालु वैष्णो देवी के दर्शनार्थ आते रहे हैं।
 
इस साल मां वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। 11 माह में 88.59 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 11 महीने की तुलना में 2.96 लाख अधिक है।
 
Vaishno Devi Temple
वर्ष 2022 में 11 माह में 85.63 लाख श्रद्धालु दरबार पहुंचे थे। जिस तरह से श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है, उसे देखकर लगता है कि इस वर्ष यात्रा का आंकड़ा 2013 के आंकड़े को पार कर जाएगा। वर्ष 2013 में 93.23 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे।
 
हालांकि कोरोना से मुक्ति के बाद वैष्णो देवी की यात्रा में तेजी आई थी। तभी तो वर्ष 2021 का रिकार्ड कब का टूट चुका है।
 
वर्ष 2021 में 55.88 लाख श्रद्धालुओं ने वैष्णो देवी की पिंडियों के दर्शन किए थे। वर्ष 2021 की संख्या भी सुकून देनी वाली थी क्योंकि कोरोना के कारण वर्ष 2020 में तो सिर्फ 17.20 लाख श्रद्धालु ही आ पाए थे। यह संख्या निराश करने वाली थी। 
लेकिन इस साल की शुरूआत ने श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त कटड़ा के व्यापारियों में भी नया उत्साह भरना आरंभ किया है। इस साल अभी तक जून महीने में सबसे ज्यादा श्रद्धालु आए थे।
 
करीब 11.29 लाख श्रद्धालुओं ने जून में जो खुशी दी थी वह अभी भी कायम है। हालंकि अधिकारियों के मुताबिक, इस साल आने वालों की संख्या वर्ष 2012 का रिकॉर्ड शायद ही तोड़ पाए जब 104.90 लाख श्रद्धालु आए थे लेकिन यह उम्मीद जरूर बरकरार है कि वर्ष 2013 का रिकॉर्ड जरूर टूटेगा जब 93.24 लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका था।
 
वैसे भी अभी सर्दी और शादियों के सीजन के कारण वैष्णो देवी की यात्रा में प्रतिदिन आने वालों का आंकड़ा 10-18 हजार का ही है जिसके दूसरे पखवाड़े में 50 से 60 हजार तक पहुंचने की उम्मीद इसलिए भी दिख रही है क्योंकि कटड़ा के होटलवालों के अनुसार, दिसम्बर के अंतिम सप्ताह के लिए 90 परसेंट से अधिक बुकिंगें हो चुकी हैं।
 
यही कारण था कि श्राइन बोर्ड के अधिकारी और व्यापारी संख्या में बढ़ौतरी होने की उम्मीद लगाए बैठे थे और श्राइन बोर्ड सर्दियों में आने वालों के लिए अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने की तैयारियों में जरूर जुटा था।
 
वर्तमान में 10,000 से 18,000 श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शनार्थ पहुंच रहे हैं। श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग का कहना है कि जैसे-जैसे यात्रा में बढ़ोतरी हो रही है, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में भी निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अंशुल गर्ग उम्मीद जताते थे कि एक बार फिर वैष्णो देवी की यात्रा का आंकड़ा एक करोड़ की संख्या को पार करेगा।
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