Naravane Book Row : नरवणे की किताब पर छिड़ी जंग, संसद से सोशल तक घमासान, कौन बोल रहा है झूठ
पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया है। अपनी संस्मरण पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' (Four Stars of Destiny) को लेकर संसद में मचे हंगामे के बीच पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे का बयान सामने आया है। उन्होंने प्रकाशक के उस दावे की पुष्टि की है कि उनकी किताब अभी तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है।
यह विवाद पिछले सप्ताह तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी को संसद परिसर में इस पुस्तक की एक प्रति के साथ देखा गया था, जिसके बाद इस संस्मरण की स्थिति और इसके प्रसार को लेकर राजनीतिक और कानूनी जांच तेज हो गई है।
प्रकाशक 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' (PRHI) ने स्पष्ट किया कि उनके पास इस पुस्तक के विशेष प्रकाशन अधिकार हैं और यह अभी तक बाजार में नहीं आई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसद में कथित रूप से अप्रकाशित पुस्तक लहराने के बाद बढ़े विवाद पर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सफाई के साथ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रकाशक ने एक बयान में कहा कि इस पुस्तक की कोई भी प्रति, चाहे वह प्रिंट हो या डिजिटल, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा प्रकाशित, वितरित या जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। जनरल नरवणे ने सोशल मीडिया पर प्रकाशक के इस बयान को शेयर करते हुए लिखा कि किताब की वर्तमान स्थिति यही है " यह स्पष्टीकरण दिल्ली पुलिस द्वारा अप्रकाशित पांडुलिपि (Manuscript) के डिजिटल और अन्य माध्यमों से अवैध प्रसार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने के बाद आया है।
राहुल गांधी के दावों पर पलटवार
जनरल नरवणे का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने जनरल के दिसंबर 2023 के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया था। उस पोस्ट में जनरल ने कहा था कि किताब 'अब उपलब्ध है'। राहुल गांधी ने इसी आधार पर प्रकाशक के दावों को चुनौती दी थी।
क्या है पूरा विवाद
राहुल गांधी ने जिस किताब का हवाला दिया है, उसमें 2020 की गलवान झड़प, एलएसी (LAC) पर चीन के साथ सैन्य गतिरोध और सरकार की 'अग्निवीर योजना' से जुड़े अंश शामिल हैं। इन अंशों से सरकार की नीतियों और सेना के बीच मतभेदों के संकेत मिलते हैं। विपक्ष विशेष रूप से अगस्त 2020 के उस घटनाक्रम पर सरकार को घेर रहा है, जब जनरल नरवणे कथित तौर पर सरकार के स्पष्ट निर्देशों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई ठोस आदेश नहीं मिले।
कॉपीराइट उल्लंघन की चेतावनी
फिलहाल न तो प्रकाशक और न ही पूर्व सेना प्रमुख ने यह स्पष्ट किया है कि रक्षा मंत्रालय से क्लीयरेंस न मिलने के बावजूद यह किताब राहुल गांधी तक कैसे पहुँची। पेंगुइन रैंडम हाउस ने चेतावनी दी है कि इस पुस्तक का कोई भी अंश या प्रति, जो वर्तमान में प्रिंट, डिजिटल या PDF फॉर्मेट में प्रसारित हो रही है, वह कॉपीराइट का उल्लंघन है। अवैध प्रसार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Edited by: Sudhir Sharma