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Last Updated :ढाका , मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026 (18:15 IST)

Bangladesh Hindu killing Hindi news : बांग्लादेश चुनाव से 48 घंटे पहले हिन्दू व्यापारी की हत्या, खौफ में अल्पसंख्यक समुदाय

Bangladesh Election Violence
बांग्लादेश में आम चुनावों से ठीक 48 घंटे पहले एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। हिन्दू व्यापारी की बुरी तरह हत्या कर दी गई है।  पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिन्दू नागरिकों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिसंबर में इसी जिले में 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास की लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) कर दी गई थी और उनके शव को जला दिया गया था। मीडिया खबरों के मुताबिक मैमनसिंह जिले में 62 वर्षीय एक हिन्दू व्यवसायी की उनके अपनी ही दुकान के भीतर चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। 
इस घटना ने चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समुदायों के बीच असुरक्षा की भावना और तनाव को और बढ़ा दिया है मीडिया खबरों के मुताबिक मृतक की पहचान सुशेन चंद्र सरकार के रूप में हुई है। वह मैमनसिंह जिले के त्रिशाल उपजिला के बोगर बाजार चौराहे पर चावल की दुकान चलाते थे। सुशेन उसी क्षेत्र के दक्षिणकांडा गांव के निवासी थे और दशकों से वहां व्यापार कर रहे थे।
 
मीडिया खबरों के मुताबिक अज्ञात हमलावर दुकान के भीतर दाखिल हुए और धारदार हथियारों से सुशेन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हत्या के बाद हमलावरों ने दुकान का शटर गिरा दिया ताकि शव अंदर ही पड़ा रहे और वे आसानी से फरार हो सकें। त्रिशाल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। पुलिस ने कहा कि हम डकैती, व्यक्तिगत रंजिश और सांप्रदायिक तनाव सहित सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। 

आम चुनाव से पहले सवाल

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव साल 2024 की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद पहले आम चुनाव हैं। कट्टरपंथी पार्टियों की वापसी और हालिया हिंसक घटनाओं ने देश के माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है।  मीडिया खबरों के मुताबिक स्थानीय निवासियों और अल्पसंख्यक संगठनों ने सरकार से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की है। 

क्या कहा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनावों से पहले हिन्दुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बांग्लादेश सरकार इन चुनावों के दौरान अपने सभी नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान कर पाएगी। Edited by: Sudhir Sharma