ISI और लश्कर की बड़ी साजिश नाकाम, 8 आतंकी संदिग्ध गिरफ्तार, 'फ्री कश्मीर' के लगाए थे पोस्टर
दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ है। मीडिया खबरों के मुताबिक इन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठनों की मदद से तमिलनाडु और दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश रचने का आरोप है। मीडिया खबरों के मुताबिक ये संदिग्ध फर्जी आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान छिपाकर तमिलनाडु के गारमेंट सेक्टर (कपड़ा उद्योग) में काम कर रहे थे। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें जारी की हैं, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेशी आतंकवादी संगठनों से जुड़ी आतंकी साजिश की योजना बना रहे थे।
पोस्टर लगाने के बाद ही रडार पर
स्पेशल सेल के एडिशनल के मुातबिक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 6 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया जो तमिलनाडु में रह रहे थे। शुरुआत में 2 लोगों की गिरफ्तारी 15 तारीख को हुई थी। 7 फरवरी को कश्मीरी गेट इलाके के पास मेट्रो के खंभों पर देश विरोधी पोस्टर लगाए गए थे। दिल्ली पुलिस मेट्रो यूनिट ने पोस्टर लगाने वालों की पहचान की और उनके रूट का पता लगाया।
दिल्ली पुलिस ने मीडिया को बताया कि ये लोग पश्चिम बंगाल, कोलकाता से आए थे और वे वापस कोलकाता चले गए थे। टीम कोलकाता गईं और लोकल पुलिस की मदद से इन दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पहली दो गिरफ्तारियां, एक उमर फारूक की हुई थीं, जो मालदा का रहने वाला है और दूसरी गिरफ्तारी रोबिल उल इस्लाम की हुई थी, जो बांग्लादेश का रहने वाला है। उन्हें शब्बीर अहमद लोन नाम का एक आदमी हैंडल कर रहा था।
दिल्ली पुलिस ने मीडिया को बताया कि शब्बीर अहमद लोन 2007 के दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल केस का दोषी आतंकवादी है, जिसमें उसे AK-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था। अपनी सजा पूरी करने के बाद वह 2018-19 में कहीं बांग्लादेश भाग गया और उसने अपना मॉड्यूल फिर से शुरू कर दिया। उसने शुरू में उमर फारूक से कॉन्टैक्ट किया, जो उससे मिलने बांग्लादेश गया था और उसने उमर फारूक को ये पोस्टर चिपकाने और भारत में कुछ सेंसिटिव जगहों पर रेकी करने का काम दिया था। इसके बाद, उन्हें किराए पर एक अपार्टमेंट लेने का भी काम दिया गया, जिसे छिपने की जगह के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।
तमिलनाडु से दिल्ली तक छापेमारी
गिरफ्तार किए गए 8 लोगों में से 6 की पहचान मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल के रूप में हुई है। इन्हें तमिलनाडु के उथुकुली, पल्लडम और तिरुमुरुगनपुंडी इलाकों से पकड़ा गया और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है। इनके पास से दर्जनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।
AI समिट के दौरान लगाए थे 'फ्री कश्मीर' के पोस्टर
मीडिया खबरों के मुताबिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस समूह ने नई दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान एक मेट्रो स्टेशन पर 'फ्री कश्मीर' और अन्य आपत्तिजनक पोस्टर लगाए थे। पोस्टर लगाने के बाद ये संदिग्ध वापस तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल भाग गए थे। पुलिस ने बताया कि ये सभी सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे और इनमें से चार लोग विशेष रूप से पोस्टर लगाने के लिए दिल्ली आए थे।
देश के राजधानी में अलर्ट
खुफिया इनपुट के बाद राजधानी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आशंका है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली में बड़े हमले की फिराक में है। मीडिया खबरों के मुताबिक आतंकी संगठन 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट का 'बदला' लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें 31 लोग मारे गए थे।
पाकिस्तान के आरोपों से भारत ने किया था इंकार
पाकिस्तान ने इस्लामाबाद धमाके में विदेशी हाथ होने का दावा किया था। भारत ने इन आरोपों को 'निराधार और अर्थहीन' बताया है। इसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारत सरकार ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं के लिए दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने घर में पल रहे आतंकवाद पर ध्यान दे। Edited by : Sudhir Sharma