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Last Modified: नई दिल्ली , मंगलवार, 9 दिसंबर 2025 (13:41 IST)

जन्मदिन पर सोनिया गांधी को कोर्ट का नोटिस, वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने का आरोप

Court notice to Sonia Gandhi
Court notice to Sonia Gandhi: देश के 12 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में जारी एसआईआर के बीच राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को नोटिस भेजा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने भारत की नागरिक मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराया है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 जनवरी, 2026 को होगी। गौरतलब है कि आज (9 दिसंबर, 2026) को सोनिया गांधी का जन्मदिन है। 
 
इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने श्रीमती गांधी एवं दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का दावा है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवा लिया था। याचिका के मुताबिक सोनिया गांधी को अप्रैल 1983 में भारत की नागरिकता मिली थी, जबकि 1980 में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल है। 
सितंबर में खारिज हुई थी याचिका : याचिकाकर्ता त्रिपाठी ने इससे पहले एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जिसे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर को खारिज कर दिया था। तब अदालत ने कहा था कि कोर्ट याचिकाकर्ता की मांग पर जांच शुरू नहीं कर सकता। नागरिकता से जुड़े मामले पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने/हटाने की योग्यता तय करने का अधिकार भारत के चुनाव आयोग के पास है।
 
मजिस्ट्रेट कोर्ट के 11 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए, याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक आपराधिक पुनर्विचार याचिका दायर की। इस याचिका में दोबारा यही मांग की गई कि नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने की घटना की जांच के लिए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।
 
क्या है त्रिपाठी के वकील की दलील : जज ने कहा कि इस मामले में जांच करना संवैधानिक अधिकारियों को सौंपे गए क्षेत्रों में अनावश्यक दखल होगा, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 329 का उल्लंघन भी होगा। याचिकाकर्ता के वकील पवन नारंग ने कोर्ट में दलील दी कि नागरिकता मिलने से पहले वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होना यह दर्शाता है कि कुछ दस्तावेज जाली, मनगढ़ंत और झूठे बनाए गए होंगे। वकील ने कहा कि वह चार्जशीट दाखिल करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि पुलिस को इस पहलू की जांच करने की कोशिश करनी चाहिए।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
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