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कक्षा 8वीं के छात्र को आया हार्ट अटैक, खेलते वक्त गिरा और हो गई मौत
Heart attack : अब तक बड़ी उम्र के लोगों में ही हार्ट अटैक के मामले सामने आते रहे हैं। कभी जिम में तो कभी डांस करते हुए या योगा करते हुए लोगों में हार्ट अटैक की घटनाएं होती रही है, लेकिन अब जो मामला सामने आया है वो हैरान करने वाला है।
दरअसल, नोएडा में एक 8वीं कक्षा के बच्चे को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। बच्चे की उम्र महज 15 साल थी। इतनी कम उम्र के बच्चे में हार्ट अटैक आने की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। दिल्ली के समीप स्थित नोएडा के जलपुरा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढने वाला रोहित सिंह 8वीं का छात्र था। उसकी उम्र 15 साल थी।
जानकारी के मुताबिक छात्र रोहित सिंह खेलते वक्त बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। गिरने के बाद स्कूल के टीचरों ने कुछ देर तक रोहित के हाथ-पैर दबाये और पानी भी पिलाया, उन्होंने छात्र को ओआरएस का घोल भी दिया। इसके बावजूद छात्र ने जब कोई रिस्पांस नहीं दिया, तो स्कूल कि टीचर उसे अस्पताल लेकर भागे। इसी बीच परिजनों को भी सूचित कर दिया गया था। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इतनी कम उम्र में हार्टअटैक से बच्चे की मौत से अस्पताल के डॉक्टर भी हैरान है।
क्यों आ रहे अटैक?
अब तक यह माना जाता रहा है कि स्ट्रेस, अनियमित लाइफ स्टाइल, न्यूक्लियर फैमिली, स्मोकिंग और अल्कोहल आदि कई बातें हार्ट अटैक के कारणों को जन्म दे रहा है, लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके जीवन में तनाव नहीं है। संयुक्त परिवार में रहते हैं, स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन भी नहीं करते हैं और जिम जाते हैं तब भी वे हार्ट डिजीज का शिकार हो रहे हैं। आओ जानते हैं इसके तीन महत्वपूर्ण कारण।
1. सॉल्ट : WHO ने कहा कि नमक 5 ग्राम से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो 25 लाख लोगों की जान बच सकती है। इसका मतलब यह है कि आज का युवा फास्ट फूड और बाहरी खाने के चलते ओवर सॉल्ट ग्रहण कर रहा है। ओवर सॉल्ट ब्लड प्रेशर की बीमारी के साथ ही हार्ट की बीमारी भी साथ लेकर आता है। एक रिसर्च के अनुसार भारतीय लोग 11 ग्राम से ज्यादा नमक का उपयोग कर रहे हैं।
2. सैचुरेटेड फैट : आप दिनभर में जितना भी फैट लेते हैं उसका सिर्फ 5 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट ले सकते हैं। यदि सैचुरेटेड फैट ज्यादा लेते हैं तो यह मोटापे को जन्म देगा और साथ ही सैचुरेटेड फैट्स युक्त फूड्स के नियमित सेवन से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हाई हो जाएगी। ये फैट आर्टरीज वॉल पर धीरे-धीरे जमा होने लगते हैं और ब्लॉकेज के कारण दिल तक ब्लड सर्कुलेशन बाधित होने लगता है। इसके कारण दिल अपना कार्य सही से नहीं कर पाता है, जिसके चलते हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट आने का जोखिम बढ़ जाता है। जो भी आप एनिमल प्रोडक्ट खाते हैं उनमें सैचुरेटेड फैट होता है। इसी के साथ घी और तेल में भी सैचुरेटेड फैट अच्छी मात्रा में होता है। इसका मतलब यह कि आपको सैचुरेटेड फैट कम करने होंगे और अनसैचुरेटेड फैट बढ़ाने होंगे।
3. शुगर : रिसर्च कहती है कि एक एडल्ट व्यक्ति को 30 ग्राम से ज्यादा शुगर नहीं लेना चाहिए। मतलब 24 घंटे में अधिकतम 6 चम्मच शुगर ले सकते हैं। ज्यादा शुगर डायबिटीज का खतरा बढ़ा देगी साथ ही यह हार्ट के लिए भी खतरनाक है। शुगर बहुत सारे कॉम्प्लिकेशंस पैदा करती है जिससे गैस और अपच का खतरा भी बढ़ जाता है। एक स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि अधिकतर लोगों की दिनभर की टोटल कैलोरी में से 25 प्रतिशत कैलोरी यदि शुगर के चलते आ रही है तो हार्ट के लिए यह सबसे खतरनाक है। यह इस खतरे को दोगुना बढ़ा देगी।
Edited by navin rangiyal
दरअसल, नोएडा में एक 8वीं कक्षा के बच्चे को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। बच्चे की उम्र महज 15 साल थी। इतनी कम उम्र के बच्चे में हार्ट अटैक आने की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। दिल्ली के समीप स्थित नोएडा के जलपुरा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढने वाला रोहित सिंह 8वीं का छात्र था। उसकी उम्र 15 साल थी।
जानकारी के मुताबिक छात्र रोहित सिंह खेलते वक्त बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। गिरने के बाद स्कूल के टीचरों ने कुछ देर तक रोहित के हाथ-पैर दबाये और पानी भी पिलाया, उन्होंने छात्र को ओआरएस का घोल भी दिया। इसके बावजूद छात्र ने जब कोई रिस्पांस नहीं दिया, तो स्कूल कि टीचर उसे अस्पताल लेकर भागे। इसी बीच परिजनों को भी सूचित कर दिया गया था। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इतनी कम उम्र में हार्टअटैक से बच्चे की मौत से अस्पताल के डॉक्टर भी हैरान है।
अब तक यह माना जाता रहा है कि स्ट्रेस, अनियमित लाइफ स्टाइल, न्यूक्लियर फैमिली, स्मोकिंग और अल्कोहल आदि कई बातें हार्ट अटैक के कारणों को जन्म दे रहा है, लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके जीवन में तनाव नहीं है। संयुक्त परिवार में रहते हैं, स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन भी नहीं करते हैं और जिम जाते हैं तब भी वे हार्ट डिजीज का शिकार हो रहे हैं। आओ जानते हैं इसके तीन महत्वपूर्ण कारण।
1. सॉल्ट : WHO ने कहा कि नमक 5 ग्राम से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो 25 लाख लोगों की जान बच सकती है। इसका मतलब यह है कि आज का युवा फास्ट फूड और बाहरी खाने के चलते ओवर सॉल्ट ग्रहण कर रहा है। ओवर सॉल्ट ब्लड प्रेशर की बीमारी के साथ ही हार्ट की बीमारी भी साथ लेकर आता है। एक रिसर्च के अनुसार भारतीय लोग 11 ग्राम से ज्यादा नमक का उपयोग कर रहे हैं।
2. सैचुरेटेड फैट : आप दिनभर में जितना भी फैट लेते हैं उसका सिर्फ 5 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट ले सकते हैं। यदि सैचुरेटेड फैट ज्यादा लेते हैं तो यह मोटापे को जन्म देगा और साथ ही सैचुरेटेड फैट्स युक्त फूड्स के नियमित सेवन से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हाई हो जाएगी। ये फैट आर्टरीज वॉल पर धीरे-धीरे जमा होने लगते हैं और ब्लॉकेज के कारण दिल तक ब्लड सर्कुलेशन बाधित होने लगता है। इसके कारण दिल अपना कार्य सही से नहीं कर पाता है, जिसके चलते हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट आने का जोखिम बढ़ जाता है। जो भी आप एनिमल प्रोडक्ट खाते हैं उनमें सैचुरेटेड फैट होता है। इसी के साथ घी और तेल में भी सैचुरेटेड फैट अच्छी मात्रा में होता है। इसका मतलब यह कि आपको सैचुरेटेड फैट कम करने होंगे और अनसैचुरेटेड फैट बढ़ाने होंगे।
3. शुगर : रिसर्च कहती है कि एक एडल्ट व्यक्ति को 30 ग्राम से ज्यादा शुगर नहीं लेना चाहिए। मतलब 24 घंटे में अधिकतम 6 चम्मच शुगर ले सकते हैं। ज्यादा शुगर डायबिटीज का खतरा बढ़ा देगी साथ ही यह हार्ट के लिए भी खतरनाक है। शुगर बहुत सारे कॉम्प्लिकेशंस पैदा करती है जिससे गैस और अपच का खतरा भी बढ़ जाता है। एक स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि अधिकतर लोगों की दिनभर की टोटल कैलोरी में से 25 प्रतिशत कैलोरी यदि शुगर के चलते आ रही है तो हार्ट के लिए यह सबसे खतरनाक है। यह इस खतरे को दोगुना बढ़ा देगी।
Edited by navin rangiyal
