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Last Updated :नई दिल्ली , मंगलवार, 2 जून 2026 (16:06 IST)

CBSE OSM Controversy क्या है और कौन हैं सार्थक सिद्धांत, जिन्होंने पूरी प्रणाली को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे

CBSE OSM Controversy
सीबीएसई (OSM) 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए पहली बार लागू किया गया नया डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ विवादों के घेरे में है।  13 मई 2026 को नतीजे घोषित होने के बाद से कॉपियों में छेड़छाड़, गलत मूल्यांकन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल के क्रैश होने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत का नाम सुर्खियों में हैं।

सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े टेंडर दस्तावेजों में कथित विसंगतियों का खुलासा कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। शिक्षाविदों का कहना है कि यूके (UK) जैसे देशों में यह सिस्टम सालों से सफलतापूर्वक चल रहा है, लेकिन भारत में इसे बिना पर्याप्त पायलट प्रोजेक्ट, बिना बुनियादी ढांचे और बिना शिक्षकों की उचित ट्रेनिंग के सीधे 12वीं के सभी विषयों पर एक साथ लागू कर दिया गया, जो इस बड़े संकट (CBSE’s OSM Chaos) की असली कारण बना।
 

सार्थक सिद्धांत ने क्या खुलासा किया

सार्थक की जांच को सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा मिल रही है और इससे सरकारी परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता, खरीद प्रक्रिया तथा निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। सार्थक सिद्धांत ने सार्वजनिक रूप से अपनी जांच के निष्कर्ष शेयर करते हुए दावा किया है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओएसएम प्रणाली से संबंधित निविदा प्रक्रिया के विभिन्न दस्तावेजों में महत्वपूर्ण जवाबदेही संबंधी प्रावधानों में बदलाव किए गए या उन्हें हटा दिया गया।  सार्थक ने दावा किया कि 6 दिनों तक दस्तावेजों का अध्ययन और विश्लेषण किया। 
 
उन्होंने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) दस्तावेजों की विस्तृत तुलना के आधार पर आरोप लगाया कि खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को अयोग्य घोषित करने के नियम तथा ब्लैकलिस्टिंग से जुड़े सख्त प्रावधान बाद के संस्करणों में संशोधित कर दिए गए या पूरी तरह हटा दिए गए।
 
इन दावों ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और सेवा प्रदाता कंपनियों की जवाबदेही को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। गौरतलब है कि देश की परीक्षा व्यवस्था में डिजिटल मूल्यांकन और उससे जुड़े ठेकों की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma
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