मां आरोग्य मित्र एवं आशा केंद्र कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं को बिना ब्याज मिलेगा ऋण, मेरठ पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी पहल
महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मेरठ पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र ने एक सराहनीय और अभिनव पहल करते हुए "मां आरोग्य मित्र एवं आशा केंद्र कार्यक्रम" से जुड़ी महिलाओं को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया है। इस योजना के तहत मां आरोग्य मित्रों और आशा कार्यकर्ताओं को स्वरोजगार के लिए 15,000 रुपए तक का ऋण प्रदान किया गया है, जिससे वे अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
यह पहल पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी डा. अंकुर त्यागी एवं डूडा (DUDA) विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित की जा रही है। लाभार्थी महिलाओं को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत 150000 रुपए के ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
स्वास्थ्य केंद्र द्वारा संचालित "मां आरोग्य मित्र एवं आशा केंद्र कार्यक्रम" के अंतर्गत कार्यरत महिलाएं पहले से ही घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अब स्वरोजगार से जुड़कर ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
कार्यक्रम के दौरान डूडा के अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सक अंकुर त्यागी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ एवं निरोग बनाना है, क्योंकि स्वस्थ समाज ही विकास की मजबूत नींव रखता है। इसी सोच के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक उत्थान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, बिना ब्याज ऋण की सहायता से लाभार्थी महिलाएं छोटे व्यवसाय, घरेलू उद्योग, हस्तशिल्प कार्य, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी अथवा अन्य स्वरोजगार गतिविधियां प्रारंभ कर सकती हैं। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
बिना ब्याज के ऋण लेने वाली ज्योति, आशा और अन्य मां आरोग्य मित्र ने बताया कि वह लोग अपना खुद का काम करना चाहती है। पहले वह दूसरों के थैले सिलती थी, अब उन्हें यूपी सरकार की तरफ से बिना ब्याज के ऋण मिल रहा है, यह ऋण लेकर वह अब खुद के थैले बनायेंगी और अन्य महिलाओं को भी साथ जोड़कर परिवार को सशक्त करेंगी। ऋण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और डूडा का आभार व्यक्त किया। यह महिलाएं आज खिलखिला रही थी, क्योंकि उनका खुद काम करने का सपना पूरा होने जा रहा है।
पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र की यह पहल स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को एक साथ जोड़ने का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम की व्यापक सराहना की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल