1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Aryan Mishra murder case

क्‍या निजी दुश्‍मनी के चलते हुआ आर्यन का मर्डर, आर्यन के पिता से क्‍या बोले जेल में बंद आरोपी?

Aryan Mishra
आर्यन हत्याकांड के 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब भी आर्यन का मर्डर एक रहस्‍य बना हुआ है। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन अब तक कुछ हाथ नहीं आया है। अब तक जो रिपोर्ट आ रही है उसमें गोरक्षकों द्वारा मर्डर की बात सामने आ रही है। लेकिन हत्‍या का जो पूरा घटनाक्रम है, उसके पीछे कुछ और ही नजर आ रहा है। यहां तक कि आर्यन के पिता भी जेल पहुंचकर आरोपियों से मिल चुके हैं और पूछा कि क्‍यों उन्‍होंने उनके बेटे को मारा, लेकिन आरोपियों से भी उन्‍हें कोई जवाब नहीं मिला है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्‍या किसी निजी दुश्‍मनी में आर्यन को मारा गया। या कोई दूसरी साजिश इस पूरी घटना के पीछे है।

आरोपियों से मिले आर्यन के पिता : बता दें कि आर्यन के पिता सियानंद मिश्रा कई बार इंस्पेक्टर और एसीपी व डीसीपी से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसी क्रम में वह बुधवार को आरोपियों से मिलने जेल पहुंचे। उनसे भी यही सवाल किया। पूछा कि आखिर उनके बेटे को ही क्यों गोली मारी? इसके जवाब में आरोपी अनिल कौशिक ने कहा कि उसने मुस्लिम गो-तस्कर समझ कर गोली चलाई। उसे नहीं पता था कि वह एक ब्राह्मण की हत्या कर रहा है।

तो दोबारा गोली क्‍यों मारी : जब पूछा कि दोबारा क्यों गोली मारी तो वह उसके पास कोई जवाब नहीं था। इसके बाद आर्यन के पिता ने डॉक्टर से मुलाकात की। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि आर्यन की मौत तो पहली ही गोली में हो गई थी। उसके माथे पर चोट का निशान सिर में गोली लगने के बाद डैसबोर्ड से टकराने की वजह से लगे थे। हालांकि वह भी नहीं बता पाए कि मौत हो जाने के बावजूद दोबारा गोली क्यों मारी गई।

हर हाल में मारना चाहते थे आरोपी : आर्यन के पिता ने इसे निजी दुश्मनी बताते हुए इसे सुपारी किलिंग बताया। उन्‍होंने कहा कि आरोपी हर हाल में आर्यन की मौत चाहते थे। इसलिए पहली गोली लगने के बाद जब आर्यन डैसबोर्ड पर लुढ़का था आरोपियों को लगा कि कहीं जिंदा न बच जाए, इसलिए उसके कंधे पर दूसरी गोली दाग दी। पुलिस और आर्यन के पिता ने बताया कि आर्यन पर गोली चलाने वाला अनिल कौशिक निशानेबाज है। उसने चलती गाड़ी में सटीक निशाना लगाया। उसने आर्यन वाली गाड़ी का पीछा करते समय काफी दूर से गोली चलाई थी और गोली सटीक लगी थी। जबकि ऐसे हालात में निशाना चूक सकता था और गोली हर्षित या पीछे की सीट पर किनारे बैठी उसकी मां को भी लग सकती थी।

इस पूरे केस में यह रहस्‍य गहरा गया है कि आखिर क्‍यों आर्यन को मारा गया, क्‍योंकि गौरक्षा जैसा मामला या इससे जुडे कोई प्रमाण तो फिलहाल नजर नहीं आरहे हैं।
Edited By: Navin Rangiyal
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
Jio Anniversary Offer: 8वीं सालगिरह पर Jio users को चुनिंदा रिचार्ज पर मिलेगा रुपए 700 तक का फायदा