अखिलेश यादव का भाजपा पर वार: ‘सनातन बचाने के लिए भाजपा हटाओ’, शंकराचार्य केस में सियासत तेज
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ! सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और खुदगर्जी के, वो किसी की भी सगी नहीं है। भाजपाई की ये पुरानी कु-कार्यशैली है कि जो भी भाजपाइयों के जुल्म, ज्यादती और जुर्म के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे भाजपाई झूठे आरोपों से धमकाने, दबाने, मिटाने की साज़िश करते हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रष्ट-भाजपाई, उनके मुखबिर संगी-साथी और सत्ता सजातीय वाहिनी की बिगड़ी-तिकड़ी नकारात्मकता का आपराधिक त्रिगुट है, जिसका मंसूबा धन-कमाने के लिए सत्ता हासिल करना है। ये सब के सब अपने-अपने स्वार्थ के लिए एक अड्डे पर इकट्ठा हैं वैसे ये एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं। इनकी आपसी खटपट की भूमिगत आवाज़ें अक्सर बाहर सुनाई दे जाती हैं।
अखिलेश ने साथ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा मीडिया से बातचीत का वीडियो भी शेयर किया है। इसमें अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आती है, तो वे किसी भी प्रकार का विरोध नहीं करेंगे... उनका कहना है कि 'सत्य' को अधिक समय तक दबाया नहीं जा सकता
क्या है मामला
प्रयागराज पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के मामले पास्को एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है।
शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में 2 बच्चों को पेश करके गंभीर आरोप लगाए थे। कोर्ट में कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट ने पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया है कि एफआईआर दर्ज कर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाए।
edited by : Nrapendra Gupta