ट्रक को सड़क का यमराज कहते हैं— भले ही यमराज हों, लेकिन देवता तो हैं ही! इसलिए इंसानों से श्रेष्ठ होने का दावा बिल्कुल जायज है। ट्रक चालक इस महत्ता को सबसे पहले समझ गए थे, और बाद में बाकी वाहनों ने भी इसकी नकल की। लेकिन मूल ज्ञान और नकल में जमीन-आसमान का फर्क है।
फिलहाल, हम ट्रकों के पिछवाड़े पर लिखे उन ज्ञान-रत्नों पर फोकस करते हैं, जो जीवन की कड़वी सच्चाई, प्रेम की तड़प, विरक्ति और कर्म की महिमा को बड़ी साफगोई से बयां करते हैं। ये लाइनें सिर्फ पेंट नहीं, बल्कि अनुभव से निकली जीवन-दर्शन हैं।
ट्रक : यमराज का स्वरूप, सटल त गईल
(आगे से सटो या पीछे से—अंजाम एक ही!)
ट्रक चालक की जिंदगी अनिश्चितताओं से भरी होती है—पुलिस, ट्रैफिक, जाम, आरटीओ, नो एंट्री, रूट डाइवर्जन... घर लौटने का कोई फिक्स्ड टाइम नहीं। ऐसे में प्रेमिका की बेवफाई और मिलन की तड़प दिल को छलनी कर देती है। इसलिए लिखा जाता है:
हसीनों की जिंदगी बिस्किट और केक पर, ड्राइवर की जिंदगी क्लच और ब्रेक पर
पत्नी या प्रेमिका का इंतजार भी ट्रक के पीछे उतर आता है:
कुंडी ना खटकाना राजा, सीधे अंदर आना राजा
(मिलन हो जाए, बिना किसी को डिस्टर्ब किए!)
बुरी नजर और दुनिया की हकीकत
ट्रकों पर सबसे ज्यादा लिखी जाने वाली लाइन:
बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला
ये दुनिया में अच्छे से ज्यादा बुराई होने का सीधा इशारा है। बुरी नजर से बचाव का ताबीज!
विरक्ति और वैराग्य की पराकाष्ठा
कौड़ी-कौड़ी जोड़ के, जोड़े लाख करोड़! चलती बेर न कछु मिल्या, लई लंगोटी तोड़
(संसार की माया पर गहरा व्यंग्य—सब कुछ छोड़ जाना पड़ता है!)
कर कमाई नेक बंदे, मुफ्त खाना छोड़ दे। झूठा है संसार सारा, दिल लगाना छोड़ दे
(कर्म की पूजा और संसार की नश्वरता का संदेश!)
कुछ और चटपटे और गहरे स्लोगन जो ट्रकों के पीछे चमकते हैं। इनमें
हंसी-मजाक के साथ जीवन का संदेश भी होता हैं: मसलन
हंस मत पगली, प्यार हो जाएगा किसी प्रेमी के खालिस अंदाज को बयां करता है।
ट्रक सड़क पर अपने ताकत का भी संदेश देता चलता है,
दम है तो क्रॉस कर, नहीं तो बर्दाश्त कर
यह ओवरटेक करने वालों के लिए चेतावनी है और चुनौती भी। शेर का बच्चा, एक ही अच्छा! का भी यही भाव है।
इनके देश भक्ति का जज्बा भी काबिले तारीफ होता है। ढेर सारे ट्रक के पीछे आपको,
मेरा भारत महान
मेरा रंग दे बसंती चोला
सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा। जैसे लिखे संदेश भी मिल जाएंगे।
सफर के अंत में ट्रक
ओके टाटा, बाय बाय कहकर शानदार विदाई भी देते हैं। साथ ही दुर्घटना से देर भली आपके घर कोई आपकी प्रतीक्षा कर रहा है
यूज डीपर एट नाइट जरिए ट्रैफिक नियमों का संदेश भी।
ज्ञान के लिए साधना करनी होती है। अगर इसके बाद भी आपको ट्रक के पिछवाड़े से और ज्ञान हासिल करना है तो किसी राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे के किनारे सुरक्षित दूरी पर धूल-धुआं झेलकर कुछ घंटे खड़े रहना होगा। या ट्रकों के पीछे-पीछे कई किलोमीटर अपने किसी वाहन से चलना होगा। लेकिन दो वाहनों के बीच की —70 मीटर की सुरक्षित दूरी जरूर बनाते हुए, वरना... सटल त गईल!