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Makar Sankranti Muhurat : इस बार कब है मकर संक्रांति? जानिए महत्व, मान्यता, मुहूर्त और मंत्र

Published: बुधवार, 13 जनवरी 2021 (10:40 IST)
हर साल जनवरी की 14 या 15 तारीख को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का त्योहार विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धालु भक्ति-भाव से भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति वाले दिन भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, अन्य राशि प्रवेश से यह प्रवेश अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है। 
 
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनुष्य का सोया नसीब जाग जाता है। इस दिन गुड़ और तिल का दान किया जाता है, साथ ही खिचड़ी का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति के दिन स्नान का भी विशेष महत्व है। इस दिन प्रात:काल उठकर पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य मिलता है।
मकर संक्रांति व्रत महत्व: हिंदू पुराणों में वर्णित कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र भगवान शनि के पास जाते हैं। उस समय भगवान शनि मकर राशि का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं। शनि, मकर राशि के देवता हैं इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। इस विशेष दिन पर जब कोई पिता अपने पुत्र से मिलने जाता है, तो उनकी सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
 
मकर संक्रांति का महाभारत में भी वर्णन किया गया है, जो भीष्म पितामह के जीवन से जुड़ी हुई है। भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था। 
 
युद्ध में जब वह बाण की शैय्या पर लेटे हुए थे, तब वे अपने प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि उनका मानना था कि उत्तरायण में प्राण त्यागने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।
मकर संक्रांति तिथि और शुभ मुहूर्त: इस साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा। 
इस साल पुण्य काल के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 8.30 बजे से 12.30 बजे तक है, जिसकी अवधि 4 घंटे 26 मिनट है वहीं, महापुण्य काल का समय सुबह 8.03 से 8.27 तक है, यानी यह अवधि केवल 24 मिनट की है।
मकर राशि में 5 ग्रहों का संयोग
मकर संक्रांति पर मकर राशि में कई महत्वपूर्ण ग्रह एक साथ गोचर करेंगे। इस दिन सूर्य, शनि, गुरु, बुध और चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे। जोकि एक शुभ योग का निर्माण करते हैं। इसीलिए इस दिन किया गया दान और स्नान जीवन में बहुत ही पुण्य फल प्रदान करता है और सुख समृद्धि लाता है।
मकर संक्रांति सूर्य मंत्र : ॐ ह्रीम ह्रींम ह्रौमं स: सूर्य्याय नमः
मकर संक्रांति के दिन इस विशेष सूर्य मंत्र का जाप किया जाना चाहिए। 

वर्ष 2021 में मकर संक्रांति किस वाहन पर आ रही है, जानिए पुण्यकाल का समय

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