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मध्यप्रदेश में भी उठी जातीय जनगणना की मांग, कांग्रेस ने कहा आबादी के हिसाब से मिले आरक्षण

Madhya Pradesh Election
भोपाल। राहुल गांधी के जातीय जनगणना कराने की मांग के बाद अब कांग्रेस इसको चुनावी मुद्दा बनाने में जुट गई है। चुनावी राज्य मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने जातीय जनगणना के मुददे को सीधे ओबीसी वर्ग के सम्मान से जोड़ दिया है। कांग्रेस के ओबीसी चेहरे पूर्व मंत्री अरूण यादव और कमलेश्वर पटेल ने मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस कर यूपीए सरकार में हुई जातिगत जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ कांग्रेस ने आबादी के हिसाब से आरक्षण देने की मांग की। पूर्व मंत्री अरुण यादव ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहते है कि जातीय जनगणना के आंकड़े कब जारी करेंगे और देश के पिछड़ों  के लिए उनका क्या एजेंडा है इसको पिछड़ा वर्ग को बताए।

राहुल गांधी के जातीय जनगणना कराने की मांग कर समर्थन करते हुए पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार यूपीए सरकार में जातिगत जनगणना के आंकड़ों को क्यों नहीं सार्वनजिक कर रही है। उन्होंने चुनाव से पहले जातिगत जनगणना को लेकर 2011 की जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है। यूपीए सरकार में जातिगत जनगणना कराई थी लेकिन भाजपा सरकार ने उसके आंकड़ों को पब्लिश नहीं किया।

कमलेश्वर पटेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने ओबीसी के हक को छीनने काम किया है। बात चाहे निकाय चुनाव की हो या पंचायत चुनाव में 27 फीसदी आरक्षण की बात हो या हायर एजुकेशन में ओबीसी आरक्षण की, सबको भाजपा ने छीनने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ओबीसी के नाम पर वोट ले लिया सरकार बना ली लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक को कोलार में पिछले दिनों हुई रैली में जातीय जनगणना कराने  की मांग की  थी। राहुल का यह बयान ऐसे समय आया  था जब भाजपा राहुल गांधी पर मोदी सरनेम के सहारे ओबीसी वर्ग के अपमान का मुद्दा उठा रही थी। राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2021 की रूकी हुई जनगणना को तुरंत शुरु करने की मांग की है। खड़गे ने अपने पत्र में लिखा कि 2021 में नियमित जनगणना की जानी थी लेकिन यह नहीं हो पाई। अब जाति जनगणना के साथ जनगणना को व्यापक तरीके से किया जाए।  
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विकास सिंह
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