लोकसभा चुनाव 2019 : कन्नौज की सभा में बोले मोदी- 'जात-पात जपना, जनता का माल अपना'

Last Updated: शनिवार, 27 अप्रैल 2019 (23:47 IST)
(उप्र)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सपा-बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा 'अवसरवादी' कमजोर सरकार चाहते हैं, क्योंकि 'जात पात जपना, जनता का माल अपना' उनका मंत्र है।
मोदी ने कहा कि जाति की राजनीति में मुझे मत घसीटिए। महामिलावटी लोगों ने चौकीदार को गाली दी, रामभक्तों को गाली दी लेकिन परिणाम यह हुआ कि वे ही लोग खत्म हो गए। यह अवसरवादियों का गठबंधन है और यह महामिलावटी है।

मोदी ने लगाया कि वे मजबूर सरकार चाहते हैं, क्योंकि 'जात-पात जपना, जनता का माल अपना' उनका मंत्र है। उन्होंने आतंकवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि नया हिन्दुस्तान अब डरेगा नहीं। नया हिन्दुस्तान आतंकियों के घर में घुसकर मारेगा।
उन्होंने कहा कि ये चुनाव न तो भाजपा लड़ रही है, न ही भाजपा के कार्यकर्ता लड़ रहे हैं। इस बार का चुनाव उत्तरप्रदेश की जनता लड़ रही है। नई पीढ़ी सपा-बसपा के अवसरवाद को अच्छी तरह पहचानती है।
राजनीतिक लाभ के लिए मोदी पिछड़ी जाति में शामिल हुए : बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी पहले अगड़ी जाति में आते थे लेकिन गुजरात में अपनी सरकार के चलते फिर उन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए और पिछड़ों का हक मारने के लिए अपनी अगड़ी जाति को पिछड़े वर्ग में शामिल करवा लिया था। नरेन्द्र मोदी, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तरह जन्म से पिछड़े वर्ग के नहीं हैं।
मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहले ऊंची जाति के थे, बाद में पिछड़ी जाति के बने। लेकिन कन्नौज में उन्होंने (मोदी) यह कहा है कि पिछड़ा वर्ग का होने की वजह से विरोधी लोग उन्हें 'नीच' कहते है और बहनजी और अखिलेश ने भी 'नीच' कहा है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह आरोप काफी शरारतपूर्ण व तथ्य से बिलकुल परे लगता है। हमने उनको कभी भी 'नीच' नहीं कहा है। पूरे सम्मान के साथ हमने उन्हें ऊंची जाति का ही माना है, तो फिर भला उनको 'नीच' कहने वाली बात कहां से आ गई?
बसपा प्रमुख ने कहा कि इससे तो हम यही मानकर चलेंगे कि अपनी नजरों में अपर कास्ट समाज को भी वे 'नीच' समझने लगे हैं। मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी अभी भी दलित समाज को 'नीच' मानकर चलती है। मोदी और उनकी पार्टी कभी भी दलितों और अतिपिछड़ों के कभी सच्चे हितैषी साबित नही हुए हैं। हैदराबाद का रोहित वेमुला कांड और ऊना कांड इसका खास उदाहरण है।

मायावती ने कहा कि इस चुनाव में और आगे के भी चुनाव में खासकर कांग्रेस और भाजपा के दलित एवं पिछड़ा कार्ड खेलने से भी इनको कोई राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है। हो सकता है आज इस संबंध में मेरे प्रेस वार्ता के बाद मोदी अपना यह पिछड़ा कार्ड खेलने की राजनीति खुद ही बंद कर दे। अब इनका 'जाति-पाति जपना और दलितों और पिछड़ों का वोट हड़पना' बिल्कुल भी चलने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने 5 सालों के कार्यकाल में अपने चुनावी फायदों का जमीनी हकीकत में लगभग एक चौथाई हिस्सा भी कार्य पूरा नही किया है। जिसकी वजह से खासकर उत्तरप्रदेश में अभी तक जो 3 चरणों के चुनाव हो चुके है, उसमें यह पार्टी इस बार बहुत पीछे रह जाएगी। शेष बचे चरणों में भी इस पार्टी का यही बुरा हाल होने वाला है जिसको लेकर यह पार्टी बहुत मुश्किल में है। यह बात भाजपा भी जानती है।
उन्होंने कहा कि पहले 3 चरणों के रुझान के आधार पर उत्तरप्रदेश में सपा, बसपा, रालोद के गठबंधन को जीत से कोई रोक नहीं सकता और भाजपा बुरी तरह से हार रही है। अभी तक हुए 3 चरणों में गठबंधन को अच्छा समर्थन मिला है और चौथा चरण भी गठबंधन का अच्छा रहेगा। पूरे देश की जनता सजग हो चुकी है। अब वो वोट देने से पहले ये सोच रही है कि 5 वर्ष में क्या वादे पूरे हुए, जो किए गए थे? (भाषा)

 

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