सबसे ज्यादा बेनामी संपत्ति वाले लोग भाजपा में, मोदी देशहित के मामले में अनफिट : मायावती

PM Modi and Mayawati
पुनः संशोधित बुधवार, 15 मई 2019 (16:23 IST)
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बेनामी संपत्ति के आरोप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए बुधवार को दावा किया कि सबसे ज्यादा बेनामी संपत्ति वाले लोग भाजपा में हैं लेकिन उनका हिसाब-किताब छिपा हुआ है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनहित और देशहित के मामले में उनकी तुलना में प्रधानमंत्री मोदी अनफिट हैं।
मायावती ने कहा कि उनके पास जो कुछ भी है, वह उनके शुभचिंतकों और समाज की ओर से दिया गया है तथा सरकार से कुछ भी नहीं छिपाया गया है। बसपा प्रमुख ने कहा, जितने समय मैं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थी, मोदी उससे अधिक समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनकी विरासत भाजपा और देश पर काला धब्बा है। वे गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी अनफिट थे और अब देश के प्रधानमंत्री के तौर पर भी अनफिट हैं।
उन्होंने बुधवार को एक बयान में कहा, मैं चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही हूं लेकिन मेरी विरासत बेहद पाक-साफ तथा विकासपूर्ण रही है। कानून व्यवस्था के मामले में आज भी लोग बसपा सरकार के कार्यकाल की तारीफ करते हुए थकते नहीं हैं, जबकि मोदी मुझसे ज्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री जरूर रहे हैं लेकिन उनकी विरासत न सिर्फ उन पर बल्कि भाजपा तथा देश के इतिहास पर भी एक बोझ और धब्बा है।

गौरतलब है कि मंगलवार को बलिया में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, करीब दो दशक से मैं मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर काम कर रहा हूं। यह बुआ-बबुआ मिलकर जितने साल मुख्यमंत्री नहीं रहे, उससे कहीं ज्यादा समय मैं गुजरात का मुख्यमंत्री रहा हूं। मैं इन महामिलावटियों को खुली चुनौती देता हूं। ये लोग दिखा दें कि मैंने कोई बेनामी संपत्ति जमा की है। मैंने गरीब के पैसे लूटने का कोई पाप नहीं किया है।

मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए मायावती ने कहा, खुद को पाक-साफ और दूसरों को गलत तथा भ्रष्ट समझना इनकी बीमारी है। देश को पता है कि सबसे ज्यादा बेनामी संपत्ति वाले भ्रष्ट लोग भाजपा में ही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ओबीसी की तरह दिखने के लिए केवल कागजों पर ही ईमानदार हैं। भाजपा और मोदी असल में कुछ और ही हैं लेकिन जनता के समक्ष कुछ और दिखने की कोशिश करते हैं। इनका हिसाब-किताब छिपा रहता है।
उन्होंने कहा, अक्सर चुनाव में विरोधी पार्टियां खासकर दलितों व ओबीसी वर्ग के लोगों को गुमराह करती हैं और यह बताना चाहती हैं कि बसपा प्रमुख के पास गैर-ईमानदार तरीके से अर्जित की गई संपत्ति है। जबकि बसपा आंदोलन ने तो कड़ी मेहनत से, लेने वाले को देने वाला समाज बना दिया और हमारे आंदोलन के पास जो भी संपत्ति है वह सब इन्हीं की ही देन है। बसपा सुप्रीमो ने कहा, प्रधानमंत्री शालीनता को ताक पर रखकर बसपा को बहनजी की संपत्ति पार्टी कहते हैं। बसपा अपने संस्थापक और जन्मदाता मान्यवर कांशीरामजी की विरासत है। बसपा प्रमुख के पास जो कुछ भी है वह उसके समाज और शुभचिंतकों का ही दिया हुआ है तथा खुली किताब की तरह सामने है। कानून का पालन करते हुए टैक्स आदि भी ईमानदारी से जमा कराया जाता है।
मायावती ने कहा कि इन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी ने) अपरिपक्व तरीके से नोटबंदी व जीएसटी को देश पर थोपा, जबकि इनके अपने चहेते लोग जनता का बैंकों में जमा धन गबन कर विदेश भाग गए।

उन्होंने कहा, इनकी सरकार विदेश से कालाधन नहीं ला पाई। लोगों का ध्यान बांटने के लिए यह लोग विपक्षी पार्टियों और उनके नेताओं को भ्रष्टाचारी साबित करने में लगे रहे। अब मोदी यह कहकर गुमराह कर रहे हैं कि वे गरीब, फकीर तथा संपत्ति विहीन हैं। देश जानता है कि भाजपा धन्नासेठों द्वारा चलाई जाने वाली पार्टी है।
उन्होंने कहा, बसपा की सरकार ने विकास के मामले में हर स्तर पर उत्तर प्रदेश का नक्शा बदल दिया। लखनऊ की खूबसूरती को जिस तरह चार चांद लगाए गए, उससे यह समझा जा सकता है कि जनहित व देशहित के मामले में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कितनी ज्यादा फिट हैं तथा इनकी तुलना में पीएम मोदी कितने ज्यादा अनफिट हैं। हमारी सरकार के समय उप्र दंगा मुक्त और अराजकता मुक्त रहा है जबकि गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का कार्यकाल अराजकता, संकीर्णता, हिंसा, तनाव, अफरातफरी, द्वेष और घृणा से भरा रहा है।

 

और भी पढ़ें :