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SBI में 1 मई से बदल जाएगी ये 5 चीजें, ग्राहकों पर पड़ेगा असर
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने नियमों में कई बदलाव किए हैं, जो 1 मई से लागू होंगे। आइए जानते हैं इनका ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा।
1. 1 लाख से ज्यादा रकम जमा करने पर आपको 3.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा जो कि रेपो दर से 2.75 प्रतिशत
कम है। इस माह की शुरुआत में रिजर्व बैंक ने रेपो दर को 6.25 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था।
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2. 1 मई से SBI सेविंग बैंक डिपॉजिट और शॉर्ट टर्म लोन को मर्ज करने जा रहा है।
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3. छोटे खाता धारकों और ऋणधारकों को एसबीआई द्वारा आरबीआई की रेपो रेट के मुताबिक ही ब्याज दर दी
जाएगी। इससे पहले एसबीआई अपने 30 लाख के होम लोन की ब्याज दर में भी 0.10 प्रतिशत तक की कटौती की थी। कटौती के बाद अब बैंक 30 लाख तक के होम लोन पर 8.60-8.90 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूल रहा है।
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4. SBI देश का पहला ऐसा बैंक बन गया है जिसने अपने लोन और डिपॉजिट रेट को सीधे RBI के रेपो रेट से जोड़ दिया है। इस नए नियम से ग्राहकों को सस्ता लोन मिल सकता है। हालांकि 1 मई के बाद बैंक के सेविंग्स अकाउंट पर पहले के मुकाबले कम ब्याज मिलेगा।
4. SBI देश का पहला ऐसा बैंक बन गया है जिसने अपने लोन और डिपॉजिट रेट को सीधे RBI के रेपो रेट से जोड़ दिया है। इस नए नियम से ग्राहकों को सस्ता लोन मिल सकता है। हालांकि 1 मई के बाद बैंक के सेविंग्स अकाउंट पर पहले के मुकाबले कम ब्याज मिलेगा।
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5. अभी तक बैंक मार्जिनल कोस्ट ऑफ फंड बेस लेंडिंग रेट (MCLR) के आधार पर लोन का ब्याज तय करता था, जिससे कई बार ऐसा होता था कि रेपो रेट में कटौती के बावजूद बैंक MCLR में कोई राहत नहीं मिलती थी।
MCLR में राहत नहीं मिलने से आम आदमी को रेपो रेट में कटौती का कोई लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब नए नियम से ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा।
