Childrens Poetry | जानवरों के उसूल
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एक छछूंदर पेंट पहन कर,
गया कराने शादी।
उसके साथ गई जंगल की
आधी-सी आबादी।
मिस छछूंदर लेकर आईं,
फूलों की वरमाला।
छोड़ छछूंदर, चूहेजी को,
पहना दी वरमाला।
देख तमाशा, छछूंदर का
भेजा ऊपर सरका।
ऐसा लगा भयंकर बादल,
फटा और फिर बरसा।
बोला, अरी बावरी तूने,
ऐसा क्यों कर डाला।
मुझे छोड़कर चूहे को क्यों,
पहना दी वरमाला।
वह बोली रे मूर्ख छछूंदर,
पेंट पहन क्यों आया।
जानवरों के क्या उसूल हैं,
तुझे समझ न आया।
सभी जानवर रहते नंगे,
यह कानून बना है।
जो कपड़े पहने रहते,
उनके संग ब्याह मना है।
