1. लाइफ स्‍टाइल
  2. »
  3. नन्ही दुनिया
  4. »
  5. कविता
Written By WD

उठो धरा के अमर सपूतों

- द्वारिकाप्रसाद माहेश्वरी

पंद्रह अगस्त पर कविता
उठो धरा के अमर सपूतों,
पुन: नया निर्माण करो।

जन-जन के जीवन में
फिर से नवस्फूर्ति,
नव प्राण भरो।।

नव प्रात है, नई बात है,
नई किरण हैं ज्योति नई।

नई उमंगें, नई तरंगें,
नई आस है, सांस नई।

युग-युग के मुरझे सुमनों में,
नई-नई मुस्कान भरो।

उठो धरा के अमर सपूतों,
पुन: नया निर्माण करो।
लेखक के बारे में
WD