अजब सलोना, सबसे प्यारा, गांव हमारा भाई। मस्त मगन हो पक्षी नभ में, उड़ रहे हैं भाई।। हरी घास है मखमल जैसी, चहुं दिशा में हरियाली। चहक रही है डाल-डाल पर, कोयल काली-काली।।